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8 मार्च, 2021|2:20|IST

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क्या भारत-अमेरिका की दोस्ती के चलते चीन लद्दाख में दिखा रहा चालबाजी? जानें कब तक जारी रह सकता है टकराव

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लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मई महीने से सीमा विवाद जारी है। पिछले महीने 29-30 अगस्त की रात चुशूल सेक्टर के रेजांग ला में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया। महीनों से चल रहे विवाद की वजह से सैनिकों लद्दाख में लंबे वक्त तक डटे रहने का इरादा है। उन्हें साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी चीनी सैनिकों के उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दें।

सीमा पर तनाव कम करने को लेकर दोनों पक्षों में लगातार सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का दौर भी जारी है। शीर्ष सैन्य अधिकारियों से लेकर कूटनीतिक स्तर की कई वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ। हालांकि, लद्दाख में टकराव वाली कई जगहों से चीनी सैनिक पीछे गए तो तनातनी में कुछ कमी आई, लेकिन पिछले महीने के अंत में हुई घटना ने दोनों देशों के रिश्तों को वापस तनावपूर्ण बना दिया।

चीन पर करीब से नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि चीनी सैनिकों की आक्रामकता नवंबर में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव तक जारी रहेगी। गलवान से लेकर पैंगोंग सो में चीनी चालबाजी की वजह भी भारत-अमेरिका के बीच मजबूत होते हुए रिश्ते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'चीन की आगे की रणनीति इस बात पर भी निर्भर रह सकती है कि अमेरिका के चुनाव में किसे जीत मिलती है और चीन को लेकर उसका रुख क्या रहता है?'

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वहीं दूसरी ओर, मीडिया के जरिए से मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चीनी सेना की प्रमुख रणनीति है। लेकिन, 30 अगस्त की घटना से बीजिंग में मौजूद पीएलए हेडक्वार्टर को यह जरूर पता चल गया कि भारतीय सैनिक कितने मजबूत और किसी भी घटना का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं। भारतीय सेना का उद्देश्य चीनी सेना द्वारा सीमा पर कोई भी एकतरफा बदलाव को न मानते हुए उसे रद्द करना है। 

इसके अलावा, रूस के मॉस्को में पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री से मुलाकात के दौरान भारत का लद्दाख सीमा पर रुख भी स्पष्ट कर दिया। माना जा रहा है कि 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस जयशंकर की उनके समकक्ष से होने वाली बैठक में भी ऐसा ही संदेश दिया जाएगा। हालांकि, इन सबके बीच लद्दाख को लेकर चीन को यह अंदाजा कभी नहीं रहा होगा कि भारत की सैन्य, कूटनीतिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से ऐसी भी प्रतिक्रिया सामने आ सकती है, जोकि उसके लिए जीवनभर न भूलने वाली होगी।

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  • Web Title:India China Latest news: Is China showing aggression in Ladakh due to India-US friendship Know how long the conflict can continue