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कनाडा को मोदी सरकार का सख्त संदेश- टकराव में तुम्हारा घाटा, हमारा कुछ नहीं जाता

India Canada Tension: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कर दिया कि कनाडा ने ही यह रिश्ते खराब किए हैं और इससे भारत को नहीं, बल्कि कनाडा को ही नुकसान होने जा रहा है।

कनाडा को मोदी सरकार का सख्त संदेश- टकराव में तुम्हारा घाटा, हमारा कुछ नहीं जाता
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 04 Nov 2023 04:35 PM
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India Canada Tension: भारत और कनाडा के बीच कई महीनों से तनाव की स्थिति कायम है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्ते खराब हो गए। भारत सरकार ने भी पलटवार करते हुए भारत में मौजूद कई कनाडाई राजनयिकों को देश छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया, जिसके बाद 41 राजनयिकों को दूसरे देशों में भेज दिया गया। दोनों देशों में जारी तनाव के बीच मोदी सरकार ने कनाडा को सख्त संदेश दिया है। हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2023 (HTLS) में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कर दिया कि कनाडा ने ही यह रिश्ते खराब किए हैं और इससे भारत को नहीं, बल्कि कनाडा को ही नुकसान होने जा रहा है।

HTLS 2023 में पीयूष गोयल से कनाडा मुद्दे पर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने दो टूक जवाब दिया, ''कनाडा के साथ हमने कोई बातचीत नहीं रोकी। उन्होंने रोकी है। वहां कुछ भ्रम है लोगों पर उनके नेताओं में। ये भ्रम बिना किसी आधार के हैं। इससे उन्हें नुकसान होगा, भारत को नहीं। हमारी मार्केट बढ़ी है। अब खामियाजा कनाडा और वहां की इकॉनमी भरेगी।'' इसके अलावा, पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि यूके के साथ हमारी चर्चा चल रही है और अच्छी चल रही है। उसमें हम जयशंकर, निर्मला जी मिलकर देशहित में फैसला लेते हैं। लोगों से सलाह करके फैसला लिया जाता है। ये पुराने एफएटीए नहीं हैं, जोकि कांग्रेस के समय हुए थे, जिसको रोज भारतीय उद्योग के लोग रोज गाली देते हैं कि हमें फेयर डील नहीं मिली है। हमारी जितनी भी एफटीए हुई हैं, उसकी आलोचना देखने को नहीं मिलेगी। 

भारत-कनाडा के बीच संबंध हुए खराब
कनाडा में पिछले कुछ सालों में खालिस्तानी आंदोलनों में इजाफा हुआ है। कई खालिस्तानी समर्थकों ने समय-समय पर खालिस्तान के समर्थक में कनाडा में प्रदर्शन किए हैं। इसको लेकर जी-20 के दौरान जब जस्टिन ट्रूडो भारत आए तो पीएम मोदी ने भी बातचीत में यह मुद्दा उठाया था और काफी खरी खोटी सुनाई थी। बाद में सितंबर में ही ट्रूडो ने संसद में एक बयान देकर हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों के हाथ होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कनाडाई खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इस हत्या के पीछे भारत के एजेंट्स हो सकते हैं। इसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और खराब हो गए थे। हालांकि, भारत सरकार ने कनाडा के इन आरोपों से साफ तौर पर इनकार किया है। निज्जर की गुरुद्वारे के बाहर दो बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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