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21 अक्तूबर, 2020|10:05|IST

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दूसरों के मुकाबले यूजर्स से जरूरत से दोगुनी जानकारी मांगते हैं चीनी ऐप

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चीनी ऐप की निजता औऱ गोपनीयता में सेंध को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। साइबर सुरक्षा से लेकर स्वतंत्र थिंकटैक की रिपोर्ट बताती हैं कि दो तिहाई से ज्यादा चीनी ऐप दूसरों के मुकाबले यूजर्स से दोगुनी जानकारी मांगते हैं। 

कैमरा और फाइन लोकेशन की जरूरत ही नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी ऐप हेलो, शेयरइट के अलावा यूसी ब्राउजर कैमरे और माइक्रोफोन तक पहुंच मांगते हैं, जबकि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। चीनी एप एक वर्ग किलोमीटर की लोकेशन की जगह एक मीटर से कम दूरी की फाइन लोकेशन मांगते हैं। इन ऐप पर तीसरी पार्टी से डाटा शेयर करने का भी आऱोप है। 

मनोरंजन, न्यूज और खरीदारी से जुड़े एप
दुनिया के टॉप 50 एप चीनी ऐप की तुलना में 45 फीसदी कम जानकारी ही मांगते हैं। एरेका कंसल्टिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, ये ऐप यूजर्स से कांटैक्ट, कैमरा, माइक्रोफोन, गैलरी, सेंसर्स, फाइन लोकेशन और टेक्स्ट मैसेज तक की अनावश्यक पहुंच मांगते हैं। इनमें हेलो, शेयरइट, टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, विगो वीडियो, ब्यूटीप्लस, क्लबफैक्ट्री, न्यूजडॉग, यूसी न्यूज और वीमेट शामिल हैं। 

कंपनियों के सेना-सरकार के रिश्तों पर सवाल
आर्ब्जवर रिसर्च फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में चीनी ऐप के मूल कंपनियों और सेना-सरकार से रिश्तों पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी ऐप चाइना टेलीकॉम, टेंसेंट, अलीबाबा, मेइतू जैसी अपनी मूल कंपनियों को डाटा भेजते हैं। टिकटॉक औऱ यूसी ब्राउजर का रिश्ता चीनी ई-कॉमर्स अलीबाबा से है।

तीन साल पहले भी उठी थी आवाज
रक्षा मंत्रालय ने दिसंबर 2017 में एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें 40 चीनी ऐप को यूजर्स के डाटा के लिहाज से खतरनाक बताया गया था। डोकलाम में तनाव के दौरान यह मुद्दा उठा था। 

डाटा सुरक्षा कानून तुरंत लागू करने की दरकार
भारत में डाटा सुरक्षा को लेकर अलग से कोई कानून नहीं है, जिससे कंपनियों पर कोई बाध्यता नहीं है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने कहा कि लंबे समय से अटका डाटा सुरक्षा विधेयक अब संसद की स्थायी समिति के पास लंबित है, देर आए दुरुस्त आए की तरह इसे मानसून सत्र में ही पारित कराकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐप या इंटरनेट कंपनियों पर शिकंजा कसा जाना चाहिए। दुनिया में साइबर युद्ध की आशंका को देखते हुए हमें आपात तैयारी करनी होगी।

भारत में चीनी ऐप की बढ़ती धमक और कमाई
भारत में मनोरंजन, ऑनलाइन खरीदारी या वित्तीय लेनदेन से जुड़ी चीनी इंटरनेट कंपनियों या ऐप की धमक और कमाई लगातार बढ़ती रही है। गूगल प्ले स्टोर के भारत में लोकप्रिय टॉप 100 ऐप में भी करीब आधे चीन एप हैं। 

चीनी एप की बढ़ती धमक
2017 में गूगल प्लेस्टोर पर टॉप 100 में 18 चीनी ऐप थे
44 एप हो गए 2018-19 में प्लेस्टोर के टॉप 100 में 

टिकटॉक-चार साल में 110 अरब डॉलर की कंपनी
टिकटॉक का 17 अरब डॉलर की कमाई 2019 में, तीन अरब डॉलर लाभ
20 करोड़ से ज्यादा भारतीय यूजर, 400 करोड़ का लाभ भारत से मिला
हेलो चार करोड़ के यूजर्स, टिकटॉक का ही दूसरा ऐप
61 करोड़ भारत में डाउनलोड,  दो अरब के करीब दुनिया में 

यूसी वेब-लोकप्रिय मोबाइल ब्राउजर
यूसी न्यूज के आठ करोड़ भारतीय यूजर्स, भारत में 13 फीसदी हिस्सेदारी
10 करोड़ डॉलर से ज्यादा का निवेश अलीबाबा का इन कंपनियों में 

शेयर इट भी टिकटॉक का--
शेयर इट भारत का तीसरा सबसे लोकप्रिय ऐप
20 करोड़ भारतीय यूजर्स, 100 करोड़ के करीब आया

क्लब फैक्ट्री की सेंध
क्लब फैक्ट्री क्लब फैक्ट्री शॉपिंग ऐप के 10 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स 
स्नैपडील को पछाड़ तीसरे नंबर पर आ गया था

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  • Web Title:India bans 59 Chinese apps: as compared to others Chinese apps demand twice much information from users