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इस देश में भूस्खलन के कारण जिंदा दफन हो गए 2 हजार लोग, मदद को आगे आया भारत

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में विनाशकारी भूस्खलन के कारण लोगों की मौत और तबाही होने पर मंगलवार को दुख जताया और कहा कि भारत हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है।

इस देश में भूस्खलन के कारण जिंदा दफन हो गए 2 हजार लोग, मदद को आगे आया भारत
india announces assistance of 1 million dollars for papua new guinea after landslide
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 03:53 PM
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भारत ने मंगलवार को पापुआ न्यू गिनी के लिए 1 मिलियन डॉलर की तत्काल सहायता राशि की घोषणा की है। पापुआ न्यू गिनी में पिछले शुक्रवार को हुए भूस्खलन में 2,000 से अधिक लोग जिंदा दफन हो गए हैं। इस भीषण हादसे के बाद वहां की सरकार ने औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है जिसके बाद भारत ने सहायता राशि की घोषणा की है। 24 मई की सुबह हुए भूस्खलन से इलाके में भारी तबाही देखी गई है। राजधानी पोर्ट मोरेस्बी से 600 किमी उत्तर-पश्चिम में भूस्खलन की यह घटना हुई है। कुछ स्थानों पर 30 फीट से अधिक मलबे और विशेष उपकरणों की कमी के कारण जीवित बचे लोगों को बचाने और शवों को निकालने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) के तहत एक करीबी दोस्त और भागीदार के रूप में हम पापुआ न्यू गिनी के मैत्रीपूर्ण लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं। भारत सरकार राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण प्रयासों का समर्थन करने के लिए 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तत्काल राहत सहायता प्रदान कर रही है।”

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में विनाशकारी भूस्खलन के कारण लोगों की मौत और तबाही होने पर मंगलवार को दुख जताया और कहा कि भारत हरसंभव मदद करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पापुआ न्यू गिनी में विनाशकारी भूस्खलन से लोगों की मौत और तबाही से बहुत दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। भारत हरसंभव सहयोग मुहैया कराने के लिए तैयार है।’’ भारत पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई कठिनाई और तबाही के समय पापुआ न्यू गिनी के साथ खड़ा रहा है। फिर चाहे वह 2018 में भूकंप और 2019 और 2023 में ज्वालामुखी विस्फोट हो, भारत ने हमेशा इस देश की मदद की है। 
 
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने द्वीपीय देश पापुआ न्यू गिनी में भूस्खलन में हुई जनहानि पर सोमवार को शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में इस देश के साथ एकजुटता से खड़ा है। जयशंकर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट किया, ''हालिया भूस्खलन के बाद पापुआ न्यू गिनी में जानमाल के नुकसान से बहुत दुखी हूं। हमारी संवेदनाएं सरकार और लोगों के साथ हैं। भारत इस कठिन समय में अपने दोस्त के साथ एकजुटता से खड़ा है।" भूस्खलन से पहले इस क्षेत्र में लगभग 3,800 लोग रहते थे, और पापुआ न्यू गिनी के राष्ट्रीय आपदा केंद्र ने कहा कि 2,000 से अधिक लोग जिंदा दफन हो गए होंगे। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने घोषणा की है कि वह पापुआ न्यू गिनी के लिए प्रारंभिक मानवीय सहायता के रूप में 2.5 मिलियन डॉलर प्रदान करेगी।