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जिस शहीद मंगल पांडेय ने जलाई आजादी की चिंगारी, उन्हीं का परिवार क्यों है सरकार के रुख से नाखुश

प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध शहीद मंगल पांडेय के परिजन उनके प्रति सरकार के रुख को लेकर निराश हैं। शहीद मंगल पांडेय के प्रपौत्र अनिल पांडेय ने बुधवार को बलिया जिले में स्थित मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा में केंद्र और राज्य सरकार के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति नजरिये को लेकर क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मंगल पांडेय ने देश में स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी जलायी और जंग—ए—आजादी के पहले शहीद होने का गौरव प्राप्त किया, मगर पांडेय के नाम पर देश में कुछ भी नहीं है। मंगल पांडेय की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये कुछ नहीं किया गया। एक सड़क का नामकरण तक नहीं किया गया। 

अनिल ने बताया कि राज्य सरकार उनके गांव से होकर एक पुल का निर्माण करा रही है। उनके परिवार ने इस पुल का नामकरण मंगल पांडेय के नाम पर करने का अनुरोध राज्य सरकार से किया था। तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने नामकरण कराने का आश्वासन दिया था। 

अनिल ने कहा कि उनके बड़े भाई रघुनाथ पांडेय ने तकरीबन 10 माह पूर्व अनुरोध पत्र भेजा था, मगर कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा में कोई अस्पताल तक नहीं है। गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। 

अनिल ने कहा कि उन्हें अक्सर अपने भाषणों में शहीद मंगल पांडेय का जिक्र करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत उम्मीदें थीं किंतु वे अब भी अधूरी हैं।

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  • Web Title:Independence Day 2019 mangal pandey Family is Disappoint with government