दरकते रिश्तों को बचाने के लिए बुजुर्ग संपत्ति कर रहे ‘अपनों’ के नाम
बागपत में खून के रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। बुजुर्ग अपनी संपत्तियां दान पत्र के जरिए रिश्तेदारों के नाम कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में 15,000 से अधिक दान पत्र पंजीकृत हुए हैं, जिससे निबंधन विभाग को 20 करोड़ का राजस्व मिला है। इससे पारिवारिक विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

बागपत। खून के रिश्ते दिनोंदिन दरक रहे हैं। अपनों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं। जिस बागवां को सींचा, आज उसी से डर सताने लगा है। नतीजन बुढ़ापा ठीक से कटे इसके लिए दान पत्र का सहारा लिया जा रहा है। बुजुर्ग अपनी संपत्तियों की बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां ‘अपनों’ के नाम कर रहे हैं। जिससे परिवार में बिखराव न आए और ‘अपनों’ से रिश्तों और मजबूत हो जाए। दान पत्र योजना का लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं। इससे पारिवारिक विवादों में भी कमी आएगी। निबंधन विभाग में करीब एक साल में 15 हजार से अधिक दान पत्र पंजीकृत हुए हैं। इससे 20 करोड़ से अधिक का राजस्व निबंधन विभाग को मिला है। दान पत्र के जरिए संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए सरकार की ओर से स्टांप ड्यूटी में रियायत का प्रावधान किया गया है। इसमें संपत्ति चाहे कितनी ही बड़ी हो, स्टांप ड्यूटी अधिकतम पांच हजार रुपये ही ली जा रही है। हालांकि संपत्तियों का हस्तांतरण केवल रक्त संबंधियों के बीच ही किया जा सकता है। यह योजना जनवरी 2026 से लागू है। निबंधन विभाग की मानें, तो जनवरी से अब तक 15 हजार से अधिक दान पत्र हुए। इससे निबंधन विभाग को 20 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। दान पत्र में मिली छूट का फायदा उठाते हुए लोगों ने अपनों को कई अरब की संपत्तियों देकर धनवान बना दिया। वहीं इस साल आठ महीनों में बड़ी संख्या में लोगों की गिफ्ट डीड हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि दान पत्र योजना के अच्छे परिणाम आए हैं। बड़ी संख्या में रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति का हस्तांतरण हो रहा है। इससे रिश्तों में भी मजबूती आएगी और पारिवारिक विवादों में कमी आएगी。
खजाने में पहुंचा करोड़ों का राजस्व
दान पत्र के जरिए सरकार खजाने में भी करोड़ों का राजस्व पहुंच रहा है। दान पत्र के पंजीकृत होने पर पांच हजार रुपये स्टांप ड्यूटी के अलावा संपत्ति के सरकारी मूल्य का एक प्रतिशत भी लिया जाता है। सरकार को स्टांप ड्यूटी से 20 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
यह लोग उठा सकते हैं इसका लाभ
स्टांप ड्यूटी से रियायत का लाभ रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर ही मिलेगा। इनमें पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, दामाद, सगे भाई-बहन के अलावा पुत्र और पुत्री के बच्चों का ही दान पत्र के जरिए संपत्ति की रजिस्ट्री हो सकती है।


