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हिंदी न्यूज़ देशकोरोना वैक्सीन को लेकर जी-7 देशों पर बढ़ रहा दबाव, उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति को लेकर मशक्कत

कोरोना वैक्सीन को लेकर जी-7 देशों पर बढ़ रहा दबाव, उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति को लेकर मशक्कत

विशेष संवाददाता, हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Himanshu Jha
Wed, 03 Mar 2021 12:40 AM
कोरोना वैक्सीन को लेकर जी-7 देशों पर बढ़ रहा दबाव, उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति को लेकर मशक्कत

जी-7 देशों पर वैक्सीन के समान वितरण और आपूर्ति को लेकर दबाव बढ़ रहा है। एक तरफ भारत देश में टीकाकरण के साथ वैक्सीन आपूर्ति की मांग को वैश्विक स्तर पर पूरा करने में जुटा है। वहीं, प्रभावशाली समझे जाने वाले ये देश अपने देश में वैक्सीन की कमी का हवाला देकर अभी भी गरीब व कम विकसित देशों को आपूर्ति की जिम्मेदारी से बच रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर टीके की उपलब्धता और आपूर्ति के लिए तकनीकी हस्तांतरण के जरिए उत्पादन बढ़ाने और अफ्रीकी, लैटिन अमेरिका सहित दुनिया की बड़ी आबादी को टीका उपलब्ध कराने की मांग वैश्विक मंचों पर बढ़ रही है। भारत भी कई मौकों पर वैक्सीन राष्ट्रवाद से बचते हुए वैश्विक जरूरतों को पूरा करने का हवाला दे चुका है।

फिलहाल जी-7 के देश आने वाले दिनों में इस मसले पर साझा रणनीति बना सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि दुनिया की बड़ी आबादी इन प्रभावशाली देशों की ओर सहायता के लिए देख रही है। लाभ के बजाय उत्पादन बढ़ाकर आपूर्ति की रणनीति बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पिछले दिनों फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रो पर ये दबाव नजर आया। जब उन्होंने टीके के जरूरी उत्पादन और आपूर्ति में पीछे रहने पर चीन और रूस जैसे देशों के आगे आने और उभरने का एक अंदेशा जताया।

गौरतलब है कि अमेरिका जर्मनी के अलावा कई यूरोपीय देशों ने वैक्सीन पर बड़ी धनराशि ख़र्च की है, लेकिन तकनीकी हस्तांतरण को लेकर देशों का संकोच उत्पादन बढ़ाने में आड़े आ रहा है। भारत लगातार वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने और वितरण पर जोर दे रहा है, लेकिन विश्व की अर्थव्यवस्था में अहम हिस्सेदारी रखने वाले देशों के आगे आए बिना दुनिया भर में टीकाकरण को लेकर तेजी पर संशय है।

जानकारों का कहना है कि वैश्विक मंचों पर टीकाकरण अहम मुद्दा है। कोविड महामारी ने दुनिया को बुरी तरह से हिलाकर रख दिया है। अगर दुनिया का बड़ा हिस्सा टीकाकरण से वंचित रहता है तो इस महामारी के लंबे समय तक बने रहने का खतरा बना रहेगा।

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