चौबीस घंटे में सर्प ने नौ लोगों को डंसा, अस्पताल में ही कराएं उपचार
मानसून के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि हुई है। बीते 24 घंटे में नौ लोग जिला अस्पताल पहुंचे। सर्पदंश के दौरान समय का सही प्रबंधन और सावधानी आवश्यक है। सरकार ने एंटी वेनम इंजेक्शन का उचित भंडार रखने का निर्देश दिया है।

मानसून की दस्तक व उमसभरी गर्मी बढ़ते ही सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि हुई है। बीते 24 घंटे में सर्पदंश के नौ रोगी उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। बारिश के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सर्प बाहर निकलते हैं। ऐसे में सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानी बरतना ही बेहतर है। सर्पदंश का शिकार होने पर उपचार के लिए निकटतम सीएचसी व जिला अस्पताल पहुंचें। सर्पदंश का शिकार होने के बाद वायगीर के चक्कर में नहीं फंसे। सर्पदंश का उपचार सरकारी अस्पतालों में मौजूद है। मंगलवार को सीएमस डा. संजीव सक्सेना ने बताया कि बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ी हैं। सर्पदंश की स्थिति में रोगी को हिलने डुलने नहीं दें, जिससे शरीर में जहर तेजी से नहीं फैले। सर्पदंश के समय व शरीर में किस स्थान पर काटा है। सरकारी अस्पताल में चिकित्सक को दें, जिससे उपचार में सावधानी हो। सरकार ने सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में एंटी वेनम इंजेक्शन रखने के निर्देश भी दिए हैं। जिला अस्पताल व सीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम इंजेक्शन मौजूद हैं। इसके अलावा सर्पदंश से बचने के लिए रात में घर से बाहन निकलते समय टॉर्च साथ लेकर चलें। घर व आस-पास कूड़ा एकत्र नहीं होने दें.
सरकारी उपचार के लिए समय का प्रबंधन
वायगीर के चक्कर में समय बर्बाद नहीं करें
जनपद में मानसून की दस्तक के बाद सर्पदंश की घटनाएं एक साथ बढ़ गई हैं। सर्पदंश का शिकार होने के बाद वायगीर के चक्कर में पड़कर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। सर्पदंश का शिकार होने के बाद उपचार के लिए समय बहुत महत्वपूर्ण है। सर्पदंश के बाद अधिक समय होने पर रोगी की मृत्यु तक हो सकती है। इसलिए सर्पदंश का शिकार होने पर सीधे सरकारी अस्पताल में जाकर उपचार कराएं। जिससे सर्पदंश के शिकार रोगी का जीवन सुरक्षित रहे.
सर्पदंश से बचाव के उपाय
सर्पदंश से बचाव के उपाय-
- खेतों में काम करते समय लंबे जूते या गमबूट पहनें
- रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करें
- घर और आसपास झाड़-झंखाड़ व कूड़ा जमा न होने दें
- सर्पदंश होने पर प्रभावित अंग को अधिक न हिलाएं
- झाड़फूंक में न गंवाएं समय, डॉक्टर के पास पहुंचे
सर्पदंश के चार रोगी उपचार को पहुंचे जिला अस्पताल
जनपद में अलग-अलग स्थानों पर मंगलवार को महिला समेत चार लोग सर्पदंश का शिकार हो गए। परिजन सर्पदंश के शिकार लोगों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सक सर्पदंश के शिकार लोगों का उपचार कर रहे हैं। सर्पदंश की पहली घटना गांव रम्पुरा में हुई। सर्प ने 45 वर्षीय सुरेंद्र को घर में सोते समय अंगूठे में डंस लिया। सर्पदंश की दूसरी घटना गांव फरीदपुर में हुई। फरीदपुर के रहने वाले सत्यम को नलकूप चलाते समय सर्प ने डस लिया। तीसरी घटना में सिकंदाराराऊ के गांव नकटपुरा के रहने वाले करन सिंह को खेत में काम करते समय सर्प ने डस लिया। सर्पदंश की चौथी घटना शहर की दुर्गा कोलोनी में हुई। यहां की निवासी महिला को घर के अंदर झाड़ू लगाते समय सर्प ने डस लिया। परिजन चोरों रोगियों को उपचार के लिए लेकर जिला अस्पताल पहुंचे.


