विधायक बोले- मणिपुर के पहाड़ी जिलों में बढ़ते गांव संघर्ष का नतीजा
हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
भाजपा विधायक पाओलिएनलाल हाओकिप ने कहा कि मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में गांवों की बढ़ोतरी नागा-कुकी जातीय संघर्ष के कारण हुई। उन्होंने 'घोस्ट विलेज' के निर्माण को भी इसके पीछे बताया। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने बताया कि राज्य में 926 ऐसे गांव हैं जिन्हें मान्यता नहीं मिली है।

इम्फालर/चुराचांदपुर. एजेंसी। भाजपा विधायक पाओलिएनलाल हाओकिप ने कहा है कि मणिपुर के पहाड़ी जिलों में गांवों की संख्या में बढ़ोतरी की वजह 1990 के दशक में नागा-कुकी जातीय संघर्ष के कारण बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन है। उन्होंने मनरेगा फंड हासिल करने के लिए 'घोस्ट विलेज' (कागजों पर मौजूद लेकिन असल में नहीं) बनाने को भी इसका कारण बताया। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद कहा था कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में 926 ऐसे गांव हैं जिन्हें मान्यता नहीं मिली है। 1992 से 1995 के बीच हुए कुकी-नागा जातीय संघर्ष में पहाड़ी जिलों में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 50,000 से ज्यादा आदिवासी विस्थापित हुए थे।


