कोयला पर आधारित बिजली में 14.70% की वृद्धि
धनबाद, विशेष संवाददाता। कोयला मंत्रालय रिपोर्ट के अनुसार, कोयला आधारित बिजली की खपत में 14.70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि तेल और गैस आधारित बिजली में 29.33 प्रतिशत की कमी आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्ध इस स्थिति की प्रमुख वजह है। जून-2026 में कोयला की खपत 1,20,141 मिलियन यूनिट रही।

धनबाद, विशेष संवाददाता। कोयला मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार कोयला आधारित बिजली की खपत में वृद्धि हुई है। वहीं तेल और गैस आधारित बिजली में भारी कमी आई है। आंकड़े के अनुसार जून-2025 के मुकाबले जून-2026 में कोयला आधारित बिजली में 14.70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं तेल और गैस आधारित बिजली में 29.33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मंत्रालय की रिपोर्ट में कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। वैसे एक्सपर्ट बताते हैं कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जून-2025 के मुकाबले जून-2026 में कोयला आधारित बिजली में 15,401 मिलियन यूनिट की वृद्धि है। जून-2025 में कोयला आधारित बिजली आपूर्ति 1,04,740 मिलियन यूनिट थी। वहीं जून-2026 में कोयला आधारित बिजली उत्पादन 1,20,141 मिलियन यूनिट हो गई है। इस तरह जून- 2025 में तेल-गैस आधारित बिजली का उत्पादन 3181 मिलियन यूनिट की जगह जून 2026 में 2248 मिलियन यूनिट दर्ज है। जानकार बताते हैं कि एक तो गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ रही है। दूसरी तरफ तेल-गैस संकट के कारण भी बिजली की मांग में वृद्धि हो रही है। औद्योगिक बिजली की मांग के साथ घरेलू उपभोक्ता भी ज्यादा बिजली खपत कर रहे हैं। तेल, गैस, एलपीजी के विकल्प के रूप में यथासंभव कोयला आधारित बिजली का उपयोग किया जा रहा है। कोयला मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार जून महीने में कुल बिजली खपत में कोयला आधारित बिजली का योगदान लगभग 68 प्रतिशत है। वहीं तेल-गैस की बिजली की हिस्सेदारी महज 1.26 प्रतिशत है。
एक नजर मंत्रालय की रिपोर्ट पर
ऊर्जा स्रोत जून में बिजली उत्पादन कुल बिजली में हिस्सेदारी
कोयला 120141 67.34
लिग्नाइट 2495 1.40
हाइड्रो 14024 7.86
न्यूक्लियर 5565 3.12
गैस डीजल 2248 1.26
सोलर विंड, बायोमास 33932 19.02
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