टैक्सपेयर्स को परेशान नहीं कर पाएंगे आयकर अधिकारी - Income Tax Adhikari Tax Payers Ko Pareshan Nahi Kar Sakte DA Image
12 दिसंबर, 2019|3:51|IST

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टैक्सपेयर्स को परेशान नहीं कर पाएंगे आयकर अधिकारी

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केंद्र सरकार ने आयकर अधिकारी द्वारा करदाता को परेशान करने या उनके बीच किसी भी साठगांठ की गुंजाइश खत्म कर दी है। इसके लिए आयकर की ऑनलाइन आकलन प्रक्रिया (फेसलेस स्क्रूटनी) को अधिसूचित किया गया है। इससे करदाता और कर अधिकारी के बीच सीधे आमना-सामना नहीं होगा

किस करदाता के रिटर्न की जांच की जा रही है, उसकी जानकारी सामने नहीं आएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नई प्रक्रिया को आठ अक्तूबर को विजयदशमी के दिन शुरू करेंगी। ऑनलाइन आकलन के तहत केंद्रीय वित्त मंत्रालय एक राष्ट्रीय ई-आकलन केंद्र बनाएगा। यह केंद्र किसी मामले के आकलन के लिए चयन करने के साथ ही नोटिस जारी करेगा।

15 दिन के भीतर जवाब मिलने पर केंद्र मामले को आकलन अधिकारी को भेजेगा। क्लियरटैक्स के सीईओ अर्चित गुप्ता का कहना है कि करदाता किसी अधिकारी के समक्ष पेश नहीं होगा।करदाता खुद अपील करता है तो ही ऐसा संभव है और वह भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये।

ये पांच बड़े असर
1. आयकर अधिकारी और करदाता के बीच सारा संवाद ऑनलाइन होगा। मोबाइल एप के जरिये मामले में प्रगति की जानकारी करदाता को भेजी जाएगी। गंभीर केस में ही किसी कर अधिकारी को विशेष मामलों से जोड़ा जाएगा। 

2. आईटीआर के ऑनलाइन आकलन या जांच से यह संभावना खत्म हो जाएगी कि करदाता और आकलन अधिकारी की पहचान जाहिर होगी। इससे उत्पीड़न या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं रहेगी। 

3. जांच के लिए चुने केस  आकलन केंद्रों को आवंटित होंगे। केंद्रीय यूनिट से नोटिस ऑनलाइन भेजे जाएंगे। अधिकारी का नाम,स्थान और पहचान की जानकारी नहीं होगी

4. आयकर का मामला सीधे अधिकारी को सौंपे जाने का चलन खत्म होगा। कर चोरी पकड़ने के लिए डाटा एनालिटिक्स, आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग का इस्तेमाल होगा। 

5. केंद्रीय यूनिट के जरिये ही करदाता और आयकर विभाग के बीच संदेशों का आदान-प्रदान होगा। इससे आयकर विभाग के कामकाज में आमूलचूल बदलाव आएगी। 

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