कोल्हान विवि में समावेशी लोकतंत्र एवं मतदाता पंजीकरण पर व्याख्यान
कोल्हान विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में समावेशी लोकतंत्र और मतदाता पंजीकरण पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. आलोक गुप्ता ने कहा कि हर योग्य नागरिक का मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। उन्होंने लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर जोर दिया।

कोल्हान विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में भारत में समावेशी लोकतंत्र एवं मतदाता पंजीकरण की अनिवार्यता विषय पर विशेष व्याख्यान और सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के प्रोफेसर डॉ. आलोक गुप्ता मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कुलपति प्रो. अंजिला गुप्ता ने कहा कि ऐसे समसामयिक विषय विद्यार्थियों और समाज में लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सराहनीय पहल है। मुख्य वक्ता डॉ. आलोक गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में समावेशी लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदाता के रूप में पंजीकरण आवश्यक है।
लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय भागीदारी में निहित है। उन्होंने कहा कि अठारह वर्ष की आयु पूरी कर चुके हर नागरिक को अपना नाम मतदाता सूची में जरूर दर्ज कराना चाहिए, ताकि शहर से लेकर गांव तक कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान से वंचित न रहे। साथ ही, उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि गैर-भारतीय नागरिकों का नाम सूची में नहीं होना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने मतदाता पंजीकरण के दो मुख्य उद्देश्य बताए। पहला प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देना और दूसरा मतदाता सूची को पूरी तरह विश्वसनीय बनाए रखना। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद जागरूक मतदाता बनें और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष डॉ. परशुराम सियाल, कुलानुशासक डॉ. राजेंद्र भारती, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव आनंद समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक और सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव आनंद ने किया, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनमत नारायण सिंह ने किया। आयोजन राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।


