एम.टेक.स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के प्रथम बैच का भव्य ओरिएंटेशन, शोध और नवाचार को मिलेगी नई दिशा
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ में एम.टेक. (स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) के पहले बैच का स्वागत भव्य कार्यक्रम के साथ किया गया। कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया और शोध के लिए आवश्यक सुविधाओं का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्र समन्वयकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसीएलयू), लखनऊ में एम.टेक. (स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) के प्रथम बैच के विद्यार्थियों के स्वागत के लिए सिविल इंजीनियरिंग विभाग में भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजय तनेजा, इंजीनियरिंग संकाय के निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं नवप्रवेशित एम.टेक. विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आयुष कुमार ने की। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग विभाग की अकादमिक पृष्ठभूमि, पुनर्स्थापन एवं विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने कुलपति प्रो. अजय तनेजा के विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त करने को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि इससे शिक्षक एवं विद्यार्थी शोध व नवाचार में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित होंगे。
स्वागत भाषण
कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि एम.टेक. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग केवल नया पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि उन्नत शोध, तकनीकी नवाचार और पेशेवर उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रयोग करने, नए विचार विकसित करने और वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं के अभिनव समाधान खोजने का आह्वान किया।
शोध और नवाचार
उन्होंने शिक्षकों-कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने तथा शोध, नवाचार एवं कंसल्टेंसी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के विकास का आश्वासन दिया, जहां CAD डिजाइन, स्ट्रक्चरल मॉडलिंग और न्यूमेरिकल सिमुलेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विद्यार्थी शोध के साथ उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता हासिल कर सकेंगे।
समापन समारोह
समापन पर प्रभारी श्री कौशलेश कुमार शाह ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. श्रेया जादौन, सुश्री आस्था अवस्थी, श्री सलमान अंसारी, श्री अभिनव शुक्ला, श्री सैयद निशात एवं छात्र समन्वयकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


