नई शिक्षा नीति नैतिक मूल्यों और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ती है : कुलपति
झारखंड विधि महाविद्यालय शैक्षणिक क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कॉलेज के सचिव डॉ. डीएन मिश्रा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियो

कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। झुमरी तिलैया स्थित झारखंड विधि महाविद्यालय में रविवार को नव-निर्मित भव्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही नई शिक्षा नीति (एनईपी) विषय पर सेमिनार भी हुआ। मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों, व्यवहारिक शिक्षा और कौशल विकास से भी जोड़ती है। झारखंड विधि महाविद्यालय शैक्षणिक क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है。
कॉलेज का उद्देश्य
कॉलेज के सचिव डॉ. डीएन मिश्रा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक विधि शिक्षा उपलब्ध कराना है। झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश शुक्ला ने कहा कि विधि शिक्षा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव है। नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने कहा कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सेमिनार में प्रतिभागी
सेमिनार को चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार, कोडरमा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सलूजा सहित कई शिक्षाविदों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में डॉ. मनीष, कला देवी, मीना मिश्रा, प्रियंका स्वाती मिश्रा, अर्णव पांडे, यश राज, पंकज मिश्रा, पटना विश्वविद्यालय के सलीम जावेद, सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पवन कुमार मिश्रा, सादिक रजाक, काशी विद्यापीठ के प्रो. रंजीत कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष गणेश प्रसाद, संरक्षक श्याम सुंदर सिंघानिया समेत बड़ी संख्या में शिक्षाविद, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महजबी परवीन एवं डॉ. अजय कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने किया।
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