रामगढ़ में लेखक गृह का उद्घाटन, साहित्यकारों को मिलेगा रचनात्मक ठिकाना
रामगढ़ में महादेवी वर्मा सृजनपीठ पर ‘अमृतलाल नागर स्मृति लेखक गृह’ का उद्घाटन कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने किया। लेखक गृह का निर्माण साहित्यकारों को एक शांत और रचनात्मक वातावरण में लेखन और शोध करने के अवसर प्रदान करेगा। यह परियोजना अमृतलाल नागर की जन्मशताब्दी के अवसर पर शुरू की गई थी।

भवाली, संवाददाता। रामगढ़ स्थित महादेवी वर्मा सृजनपीठ में ‘अमृतलाल नागर स्मृति लेखक गृह’ का उद्घाटन सोमवार को कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत पुजारी दिनेश कांडपाल के पूजा-अर्चना से हुई।कुलपति प्रो. रावत ने कहा कि लेखक गृह के निर्माण से साहित्यकारों और शोधकर्ताओं को शांत, प्राकृतिक एवं रचनात्मक वातावरण में ठहरकर लेखन और शोध कार्य करने का अवसर मिलेगा। महादेवी वर्मा सृजनपीठ हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण धरोहर है। बताया कि करीब 90 वर्ष पूर्व हिंदी की कवयित्री महादेवी वर्मा सृजनात्मक एकांत की तलाश में इलाहाबाद से रामगढ़ आई थीं। अब इस लेखक गृह में ठहरने वाले साहित्यकार भी उसी रचनात्मक परिवेश का अनुभव कर सकेंगे।
बताया गया कि यह परियोजना उपन्यास सम्राट अमृतलाल नागर के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गई थी। लेखक गृह का निर्माण उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम की हल्द्वानी निर्माण इकाई की ओर से कराया गया है। यहां सृजनपीठ के निदेशक प्रो. शिरीष कुमार मौर्य, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. चंद्रकला रावत, पीठ समन्वयक मोहन सिंह रावत, सहायक अभियंता संजय पंत, नंदकिशोर जोशी, राजन सिंह बिष्ट, बहादुर सिंह कुंवर, ललित नेगी, भुवन जोशी, सुरेंद्र सिंह नेगी, केदार सिंह आदि रहे।


