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राष्ट्रपति चुनाव 2022 में सांसदों के वोट का मूल्य घटा, 708 से 700 हुआ

विपक्ष 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए साझा उम्मीदवार उतार सकता है और इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो चुकी है। हालांकि मौजूदा आंकड़े उसके पक्ष में नहीं दिखते।

राष्ट्रपति चुनाव 2022 में सांसदों के वोट का मूल्य घटा, 708 से 700 हुआ
Ashutosh Rayएजेंसी,नई दिल्लीThu, 09 Jun 2022 10:38 PM

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राष्ट्रपति चुनाव 2022 में प्रत्येक सांसद के मत का मूल्य (वैल्यू) 708 से घटकर 700 रह गया है, जिसका कारण जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का नहीं होना है। राष्ट्रपति चुनाव में एक सांसद के मत का मूल्य राज्यों और दिल्ली, पुडुचेरी व जम्मू-कश्मीर समते  सभी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों की संख्या से जुड़ा होता है। 

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा नहीं होने की वजह से प्रत्येक सांसद के मत मूल्य के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि प्रत्येक सांसद के मत का मूल्य 708 से घटकर 700 हो गाया है। चुनाव आयोग की रिपोर्ट मुताबिक, एक सांसद के मत का मूल्य सबसे अधिक 1974 के चुनाव में 723 था, जो 1977 के राष्ट्रपति चुनाव में घटकर 702 हो गया था। उसके बाद 1997 से सांसद के मत की वैल्यू 708 बनी हुई थी।   

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कौन दे सकता है वोट और कौन नहीं?

राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा, राज्यसभा और सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के सदस्य मतदान करते हैं। मनोनीत सांसद और विधायक सहित विधान परिषद के सदस्य राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए वोट नहीं दे सकते हैं। अगस्त 2019 में लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित होने से पहले तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य में 83 विधानसभा सीटें थीं। 

यह पहली बार नहीं होगा कि किसी राज्य विधानसभा के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में भाग नहीं ले पाएंगे। वर्ष 1974 में 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा को नवनिर्माण आंदोलन के बाद मार्च में भंग कर दिया गया था। राष्ट्रपति चुनाव से पहले गुजरात विधानसभा का गठन नहीं किया जा सका था। इस चुनाव में फखरुद्दीन अली अहमद निर्वाचित हुए थे।

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1997 के बाद से 708 निर्धारित था

साल 1997 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद से संसद सदस्य के मत का मूल्य 708 निर्धारित किया गया था। वर्ष 1952 में हुए पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक संसद सदस्य के मत का मूल्य 494 था। वर्ष 1957 के राष्ट्रपति चुनाव में यह मामूली रूप से बढ़कर 496 हो गया था। इसके बाद 493 (1962) और 576 (1967 एवं 1969 में) रहा। 

1974 के राष्ट्रपति चुनाव मत का मूल्य 723 था

तीन मई, 1969 को राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के कारण राष्ट्रपति चुनाव हुआ था। वर्ष 1974 के राष्ट्रपति चुनाव में एक सांसद के मत का मूल्य 723 था। यह वर्ष 1977 से 1992 तक के राष्ट्रपति चुनावों के लिए इसे 702 निर्धारित किया गया। 

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