मेडिकल कॉलेज के बाद भी कायम रहा महिला अस्पताल पर भरोसा
फतेहपुर जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संकेत मिले हैं। जून 2026 में ओपीडी 7205 रही, जो पिछले वर्ष से अधिक है। जटिल प्रसव की संख्या घटकर आठ रह गई और एनीमिया के मामले बहुत कम हुए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रयास जारी हैं।

फतेहपुर। जिला महिला अस्पताल की जून 2026 और जून 2025 की तुलनात्मक रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संकेत मिले हैं। नवंबर 2025 से मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू होने के बावजूद महिला अस्पताल में मरीजों का भरोसा बना रहा। जून 2026 में अस्पताल की ओपीडी 7205 रही जो पिछले वर्ष जून के 5633 मरीजों की तुलना में 1572 अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में 595 मरीज भर्ती हुए और 227 प्रसव कराए गए। जिनमें 179 सामान्य व 40 सिजेरियन प्रसव शामिल हैं। जटिल प्रसव के मामले 38 से घटकर आठ रह गए और मातृ मृत्यु का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। अस्पताल से रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या 102 से घटकर 83 हो गई। वहीं ब्लड ट्रांसफ्यूजन 38 से बढ़कर 81, कुल अल्ट्रासाउंड 618 से बढ़कर 808 और एएनसी अल्ट्रासाउंड 769 से बढ़कर 909 हो गए। आयुष ओपीडी में भी मरीजों की संख्या 1166 से बढ़कर 1959 पहुंची। एनीमिया के मामले 125 से घटकर सिर्फ चार रह गए। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं。
आंकड़े...
यूनिट 2026 2025
ओपीडी- 7205 5633
भर्ती- 595 776
कुल प्रसव- 227 292
सामान्य प्रसव- 179 200
सीजेरियन- 40 54
जटिल प्रसव- 08 38
रेफर मरीज- 83 102
ब्लड ट्रांसफ्यूजन- 81 38
कुल अल्ट्रासाउंड- 808 618
एएनसी अल्ट्रासाउंड- 909 769
एनीमिया के मामले- 04 125
आयुष ओपीडी- 1959 1166
मातृ मृत्यु- 00 00
नोट- उपरोक्त सभी आंकड़े जून 2025-26 के हैं।
कोट-
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू होने के बाद भी महिला अस्पताल पर मरीजों का भरोसा बढ़ा है। सुरक्षित मातृत्व, बेहतर इलाज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी प्राथमिकता हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. राजेश कुमार, सीएमएस


