विभावि मनोविज्ञान विभाग में विशेष व्याख्यान आयोजित
विनोबा भावे विश्वविद्यालय, के मनोविज्ञान विभाग की ओर से संचालित पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग के अंतर्गत एक विशेष आमंत्रित व्याख्यान का

हजारीबाग,शिक्षा प्रतिनिधि । विनोबा भावे विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से संचालित पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग के अंतर्गत एक विशेष आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय लाइक्स एंडलाइक्स, फॉलोअर्स तथा एल्गोरिदमिक फीड्स के किशोरों के आत्म-मूल्य, आत्म-छवि और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों था।
संवाद में विशेषज्ञता
व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ भीमराव आंबेडकर कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो नवीन कुमार ने वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया, लाइक्स, फॉलोअर्स तथा एल्गोरिदमिक फीड्स के किशोरों के आत्म-मूल्य, आत्म-छवि और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि आज के किशोरों का जीवन डिजिटल दुनिया से गहराई से जुड़ चुका है। सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रतिक्रियाएँ, लाइक्स और ऑनलाइन स्वीकृति कई बार किशोरों के सेल्फ -वर्थ अर्थात आत्म-मूल्य को प्रभावित करती हैं।
शिक्षा का महत्व
उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के प्रति जागरूक एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाने तथा वास्तविक जीवन के संबंधों और व्यक्तिगत क्षमताओं को महत्व देने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के संयोजक सह विभागाध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार ने ऐसे अकादमिक कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को वर्तमान सामाजिक एवं तकनीकी चुनौतियों को समझने के लिए विशेषज्ञों के अनुभवों से निरंतर सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
इससे पूर्व कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए विवि के कुलानुशासक डॉ सादिक रज्जाक अतिथियों का स्वागत करते हुए ने विषय की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और एल्गोरिदम आज किशोरों के सोचने, महसूस करने और स्वयं को देखने के तरीके को प्रभावित कर रहा है, इसलिए इस विषय पर मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से चर्चा आवश्यक है। व्याख्यान के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया, किशोर मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-मूल्य से संबंधित विभित्र प्रश्न पूछे। जिसका मुख्य वक्ता ने सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद थे । साथ ही विभागाध्यक्ष ने अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया ।


