दूसरों के खर्राटे सुनने से याददाश्त पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, खर्राटे लेने वाले के बगल में सोने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नींद में खलल से थकान, याददाश्त और एकाग्रता पर बुरा असर पड़ता है। शोध में महिलाओं पर अधिक प्रभाव पाया गया है। जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

लंदन, एजेंसी। अगर आप भी दूसरों के खर्राटे लेने के कारण सो नहीं पाते तो इसे अनदेखा ना करें। विशेषज्ञों के मुताबिक, खर्राटे लेने वाले व्यक्ति के बगल में सोने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। ब्रिटिश स्नोरिंग एंड स्लीप एपनिया एसोसिएशन (बीएसएसएए) के मुताबिक, नींद पूरी न होने के वजह से हम थका हुआ महसूस कर सकते हैं। बार-बार जागने का असर याददाश्त और एकाग्रता पर पड़ सकता है।नींद में खलल पड़ने से दिमाग के उस हिस्से पर ज्यादा असर पड़ता है जो तनाव और भावनात्मक प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है। इससे चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। शोध में सामने आया कि इस समस्या से महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
1,032 महिलाओं को इस शोध में शामिल किया गया था।जीवनशैली में बदलाव जरूरीशोधकर्ताओं ने कहा कि खर्राटों के मामले में जीवनशैली में बदलाव से फर्क पड़ सकता है। वजन कम करने, धूम्रपान छोड़ने, सोने से पहले शराब का सेवन कम करने या सोने की स्थिति बदलने से मदद मिलती है। अगर खर्राटे आने का कारण नाक में रुकावट या एलर्जी है तो विशेषज्ञ इसके इलाज का सुझाव दे सकते हैं।


