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कनाडा संग तल्ख रिश्तों की आग में झुलस रहे युवाओं के सपने, सात समंदर पार बसने के लिए आवेदन में 62% की गिरावट

India Canada Relation Impact: कनाडा सरकार के IRCC के आंकड़ों के अनुसार, एक साल पहले यानी दिसंबर 2022 में भारतीयों के ऐसे आवेदनों की संख्या 16796 थी जो दिसंबर 2023 में घटकर 6329 रह गई है।

कनाडा संग तल्ख रिश्तों की आग में झुलस रहे युवाओं के सपने, सात समंदर पार बसने के लिए आवेदन में 62% की गिरावट
Pramod Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 29 Feb 2024 11:23 AM
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पिछले साल सितंबर से ही कनाडा और भारत के बीच चल रही तनातनी और खराब रिश्तों की आंच उन भारतीयों पर पड़ी है, जो सात समंदर पार कर कनाडा में स्थायी रूप से बसने के सपने देख रहे थे। नई दिल्ली और ओटावा के बीच द्विपक्षीय तनाव का असर इमिग्रेशन पैटर्न पर देखा गया है। आंकड़े बता रहे हैं कि दिसंबर 2023 में कनाडा में स्थायी निवास के लिए भारतीयों के आवेदनों की संख्या में 62 फीसदी से अधिक की कमी आई है। बड़े पैमाने पर युवा भारतीय कनाडा में बसने के सपने संजोते हैं। खासकर पंजाब में इसे लेकर बड़ा क्रेज है।

कनाडा सरकार के आप्रवासन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग यानी IRCC के आंकड़ों के अनुसार, एक साल पहले यानी दिसंबर 2022 में ऐसे आवेदनों की संख्या 16796 थी जो दिसंबर 2023 में घटकर 6329 रह गई है। भारतीयों द्वारा आवेदन में कमी करने की प्रवृति 2023 के आखिरी तिमाही में भी जारी रही जो पिछली तिमाही के मुकाबले 35735 से गिरकर 19579 आवेदन रह गए।

माना जा रहा है कि इस गिरावट के पीछे पिछले साल सितंबर में दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई तल्खी रही है। पिछले साल 18 सितंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने  हाउस ऑफ कॉमन्स में आरोप लगाया था कि 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के नजदीक खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल लोगों और भारतीय एजेंटों के बीच संभावित संबंध होने के विश्वनीय आरोप और सबूत हैं।

भारत ने तब ना सिर्फ कनाडा के आरोपों को खारिज किया था बल्कि कड़े शब्दों में उसकी निंदा की थी और कहा था कि अगर इस मामले में सबूत हैं तो भारत को सौंपे लेकिन कनाडा आज तक विश्वसनीय आरोपों के सबूत नहीं सौंप सका। इस प्रकरण के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते बद से बदतर होते चले गए। पहले कनाडा ने भारतीय रजनयिक को ओटावा छोड़ने का फरमान सुनाया, उसके बाद भारत ने भी अक्टूपर 2023 में कनाडा के 41 राजनयिकों को देश से बाहर कर दिया था।

कनाडा में बसने वाले भारतीयों के आवेदन में बड़ी कमी के प्रमुख कारकों में यह भी एक बड़ा कारण है कि भारत में कनाडाई राजनयिकों की संख्या ना के बराबर है। जनवरी 2023 से सितंबर 2023 तक कुल 90215 भारतीयों ने स्थायी इमिग्रेशन के लिए आवेदन किए थे जो सभी देशों से प्राप्त आवेदनों की संख्या में सबसे ज्यादा थी। 2022 में सभी देशों से आए आवेदन की संख्या 426730 थी, इनमें से भारत से आए आवेदनों की संख्या 112107 थी।

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