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विधानसभा चुनाव नतीजों का असर: एनडीए में सहयोगी दलों का भाजपा पर बढ़ेगा दबाव

पीएम मोदी-अमित शाह

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में लगे झटके के बाद भाजपा अब चिंतन व समीक्षा के दौर में है। उसकी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर भी व्यापक असर पड़ेगा। एनडीए के घटक दलों में शिवसेना व जद (यू) जैसे बड़े दल अब भाजपा पर दबाब बनाने की स्थिति में होंगे। सामाजिक समीकरण प्रभावित करने वाले छोटे दलों की अहमियत भी बढ़ेगी। चुनाव बाद वाले भावी सहयोगियों के तेवर भी अब बदले नजर आएंगे।

विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन के भीतर ही भाजपा के सहयोगी दलों के तेवर बदलने लगे हैं। बिहार में एनडीए में सीटों के बंटवारे में जद (यू) व लोजपा अब ज्यादा मोलभाव के साथ बात करेंगे। उधर, महाराष्ट्र में नरम-गरम तेवरों में शिवसेना का हौसले भी बुलंद हुए हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारत समाज पार्टी व अपना दल भी लोकसभा सीटों के लिए अपना दबाब बढ़ाएंगे। भाजपा के लिए राहत की बात इतनी है कि उसने पूर्वोत्तर को कांग्रेस मुक्त कर दिया है, जिसका लाभ उसे जरूर मिलेगा। यहां पर उसके सहयोगी दल लोकसभा चुनावों में उसकी मदद करेंगे। 

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भाजपा की अपने राज्यों में घटी ताकत
भाजपा की चिंता की बड़ी वजह उसकी अपनी ताकत वाले राज्यों में है, जहां सीधा मुकाबला कांग्रेस से है। यहां पर कांग्रेस उसे कड़ी चुनौती देगी। गौरतलब है कि इन राज्यों से भाजपा ने बीते लोकसभा चुनाव में अधिकांश सीटें जीती थीं, पर अब जिनके घटने के आसार है। ऐसे में भाजपा की निर्भरता सहयोगी दलों पर बढ़ेगी। 

तेलंगाना व मिजोरम में नहीं मिला लाभ
भाजपा ने इन चुनावों में अपनी सत्ता वाले तीन राज्य तो उसके खोए ही हैं, मिजोरम व तेलंगाना में भी पार्टी को करारा झटका लगा है। इन दोनों कमजोर राज्यों में भी पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन वहां भी परिणाम उम्मीद से विपरीत रहे। मिजोरम में वह महज एक सीट जीत सकी और तेलंगाना में घटकर एक सीट पर रह गई। यानी सूपड़ा साफ होने से बच गया। 

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राष्ट्रीय पदाधिकारी करेंगे समीक्षा
भाजपा ने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। हालांकि, यह बैठक पहले से ही तय थी। अब विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद इसमें पहले से तय एजेंडे के साथ इन नतीजों को लेकर भी चिंतन-मंथन होगा। दोपहर दो बजे से रात नौ बजे तक चलने वाली इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। इसमें लोकसभा चुनावों के रोड मैप पर भी चर्चा होगी।

संसदीय दल की भी होगी बैठक 
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक से पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक होगी। इसमें दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व दिवंगत संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार को श्रद्धांजलि दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर सबकी नजर रहेगी। वे सांसदों को लोकसभा चुनावों के मद्देनजर जरूरी संदेश दे सकते हैं।

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  • Web Title:impact of assembly election results pressure on BJP in NDA will increase