इकरोटिया सादात में 24 मोहर्रम पर इमाम जैनुल आबेदीन का शबीहे ताबूत बरामद
असमोली विकासखंड के गांव इकरोटिया सादात में शिया समुदाय ने 24 मोहर्रम के अवसर पर इमाम जैनुल आबेदीन की याद में मजलिस का आयोजन किया। मौलाना मुबाशिर रज़ा ने इमाम हुसैन की कुर्बानी और इमाम जैनुल आबिदीन के प्रयासों का जिक्र किया। शबीहे ताबूत निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

असमोली विकासखंड के गांव इकरोटिया सादात में 24 मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय के चौथे इमाम हजरत इमाम जैनुल आबेदीन (अलैहिस्सलाम) की याद में शुक्रवार देर शाम इमामबाड़ा बाबुल मुराद में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस के बाद शनिवार तड़के इमाम जैनुल आबेदीन (अ.स.) का शबीहे ताबूत बरामद किया गया, जिसकी जियारत के लिए बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे। मौलाना मुबाशिर रज़ा ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) ने करबला में सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए महान कुर्बानी दी, जबकि इमाम जैनुल आबेदीन (अ.स.) ने अपने सब्र, इबादत और शिक्षाओं के माध्यम से पैगाम-ए-करबला को पूरी दुनिया तक पहुंचाया।
मजलिस के बाद पूरी रात देश के विभिन्न शहरों से आई अंजुमनों ने नोहाख्वानी और मातम कर इमाम हुसैन (अ.स.) को पुरसा पेश किया। शनिवार तड़के करीब चार बजे शबीहे ताबूत बरामद किया गया, जिसकी जियारत के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद निकाले गए जुलूस में विभिन्न अंजुमनों ने नोहा और मातम किया। जुलूस सुबह करीब छह बजे इमामबाड़ा परिसर में संपन्न हुआ।
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