अवैध क्रशरों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 11 ध्वस्त और आठ सील
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के तहत खनन विभाग ने चुटुपालू घाटी में अवैध क्रशरों के खिलाफ कार्रवाई की। डेढ़ दर्जन से अधिक क्रशरों की जांच में 11 को ध्वस्त और आठ को सील किया गया। सभी संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में की गई।

ओरमांझी, प्रतिनिधि। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में खनन विभाग की टास्क फोर्स की टीम ने शनिवार को चुटुपालू घाटी के खिराबेरा में अवैध क्रशरों के खिलाफ कार्रवाई की।
अवैध क्रशरों की जांच
टीम ने डेढ़ दर्जन से अधिक क्रशरों की जांच की, जिसमें 11 को ध्वस्त और आठ को सील कर दिया गया। संयुक्त जांच के दौरान क्रशर और पत्थर खनन इकाइयों के संचालकों से खनन पट्टा, अनुज्ञप्ति और अन्य वैधानिक अनुमतियां मांगी गईं, लेकिन कोई भी संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के अरुण कुमार राय बनाम झारखंड स्टेट एवं अन्य मामले में छह अगस्त 2026 को पारित आदेश और खान एवं भूतत्व विभाग के 20 अगस्त 2026 के आदेश के आलोक में की गई। जांच समिति ने क्षेत्र की खनन और क्रशर इकाइयों का भौतिक सत्यापन भी किया।
ध्वस्त और सील किए गए क्रशर
ध्वस्त किए गए क्रशरों में सुबोध गुप्ता, हरे कृष्णा शर्मा, दुबराज महतो, अजय कुमार सिन्हा, अरुण सिंह, कुलदीप मेहता, सुरेंद्र सिंह, आशुतोष कुमार सिंह और बसंत मेहता के क्रशर शामिल हैं। वहीं भुवनेश्वर मेहता, अरविंद सिंह, नवरत्न क्रशर, राजकुमार सिंह के सिंह स्टोन क्रशर, जुगल सिंह, विगल महतो, सत्येंद्र अग्रवाल और दीपक मेहता के क्रशर सील किए गए। कार्रवाई में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी, अपर समाहर्ता राम नारायण सिंह, झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रामप्रवेश कुमार, सिया के कृति अभिषेक, अंचलाधिकारी उज्जवल सोरेन, थाना प्रभारी मनोज कुमार और पुलिस बल शामिल थे। जिला खनन पदाधिकारी अबु हुसैन ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई है। चुटुपालू घाटी में अवैध क्रशर और खनन नहीं होने दिया जाएगा। पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी।


