छह महीने में अवैध कटों पर 17 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत, 50 से ज्यादा घायल
नेशनल हाईवे पर अवैध कटों के कारण पिछले छह महीनों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में असफल रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने कटों को स्थायी रूप से बंद करने की मांग की है।

नेशनल हाईवे पर बने अवैध कट लगातार लोगों की जान के दुश्मन साबित हो रहे हैं। पिछले छह महीनों में इन अवैध कटों पर हुए सड़क हादसों में 17 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। हाईवे पर कई स्थानों पर लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध कट बना लिए हैं। इन कटों से वाहन चालक गलत दिशा में प्रवेश कर हाईवे पार करने या यू-टर्न लेने का प्रयास करते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक सामने आने वाले वाहन गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद नहीं किया जाता। विभाग कट बंद करता है तो कुछ ही दिनों में उन्हें फिर खोल दिया जाता है। हाईवे पर केवल अधिकृत स्थानों से ही यू-टर्न या क्रॉसिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। अवैध कटों से न केवल दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बल्कि हाईवे पर जाम की स्थिति भी बनती है。
जिम्मेदारों की अनदेखी पड़ रही भारी
गजरौला। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पुलिस और हाईवे प्रबंधन समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में कट फिर खोल दिए जाते हैं, जिससे हादसों का सिलसिला जारी रहता है।
स्थानीय लोगों ने की मांग
गजरौला। स्थानीय नागरिकों ने अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद करने, अधिकृत यू-टर्न की संख्या बढ़ाने, हाईवे पर सख्त निगरानी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगे भी कई परिवार सड़क हादसों का शिकार होते रहेंगे।
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। कई ब्लैक स्पार्ट को बंद कराया गया है। समय-समय पर अवैध कट भी बंद करवाए जाते हैं। जल्द ही अभियान चलाकर अवैध कटों को फिर से बंद कराया जाएगा ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
अनुज मलिक, टीएसआई


