आईआईटी दिल्ली ने कहा हर छात्र महत्वपूर्ण, छात्र कल्याण प्राथमिकता
-- संस्थान ने छात्रों के लिए चलाए जा रहे प्रोग्राम की जानकारी साझा की

नई दिल्ली। प्रमुख सवाददाता
आईआईटी दिल्ली में एक छात्र की आत्महत्या के मामले के बाद संस्थान ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारे लिए हर छात्र महत्वपूर्ण है और हमारी कोशिश होती है कि किसी भी छात्र को किसी तरह की परेशानी न हो। संस्थान हर संभव हर छात्र के लिए बेहतरी का प्रयास करता है।
छात्रों का कल्याण
गुरुवार को जारी जानकारी में संस्थान आईआईटी दिल्ली ने कहा कि छात्रों का कल्याण उसकी प्राथमिकता है और परिसर में ऐसा माहौल बनाने के लिए कई व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं, जहां हर छात्र की बात सुनी जाए और उसे जरूरी सहयोग मिल सके। संस्थान ने शैक्षणिक राहत, मेंटरशिप, मानसिक स्वास्थ्य, शिकायत निवारण, विविधता और लक्षित सहायता से जुड़े उपायों को अलग-अलग बताया है।
आईआईटी दिल्ली द्वारा उठाए गए कदम
शैक्षणिक बोझ कम करने के उपाय
आईआईटी दिल्ली ने बताया कि 2025 में नया पाठ्यक्रम लागू होने के बाद प्रथम सेमेस्टर के क्रेडिट लोड को कम किया गया है। जीवन कौशल से जुड़े पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं और प्रथम वर्ष की विभागीय कक्षाओं में छात्रों की संख्या 30 से 60 के बीच सीमित की गई है। संस्थान के अनुसार इसका उद्देश्य छात्रों पर शैक्षणिक दबाव कम करना है। सप्ताहांत में होने वाली परीक्षाओं को भी कम किया गया है और क्रेडिट वितरण में लचीलापन रखा गया है। इसके अलावा शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बीटेक की डिग्री के लिए न्यूनतम सीजीपीए की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है।
मेंटरशिप और शिक्षकों से संवाद
संस्थान ने बताया कि स्टूडेंट-टीचर इंटरैक्शन काउंसिल के माध्यम से प्रत्येक सेमेस्टर नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। शिक्षक छात्रों से ओपन-डोर ऑफिस आवर्स के जरिए संवाद करते हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट मार्गदर्शन, हॉस्टल स्तर पर सहभागिता और क्लास कमेटी के फीडबैक के जरिए छात्रों की समस्याओं और सुझावों पर ध्यान दिया जाता है।
24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं
आईआईटी दिल्ली के अनुसार छात्रों के लिए 24 घंटे काउंसलर और मनोचिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें एम्स और विमहांस के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। संस्थान ने बाहरी मानसिक स्वास्थ्य उपचार के खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति की व्यवस्था और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल होने की बात कही है। अकादमिक यूनिट वेलनेस कमेटियां भी छात्रों के कल्याण के लिए काम कर रही हैं।
छात्र साथी प्रोग्राम का विस्तार
आईआईटी दिल्ली ने छात्र साथी कार्यक्रम का भी विस्तार किया है। पहले यह सुविधा स्नातक छात्रों के लिए थी। 2025 में इसे परास्नातक और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी शुरू किया गया, ताकि उन्हें पढ़ाई और कैंपस जीवन से जुड़ी चुनौतियों में सहयोग और मार्गदर्शन मिल सके।
संस्थान ने बताया कि पहले स्नातक छात्रों को सहयोग और मेंटरशिप दी जाती है। वर्ष 2025 में इसका विस्तार करते हुए पीजी बडी और इंटरनेशनल बडी प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं। इसके अलावा नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर वैल्यू एजुकेशन इन इंजीनियरिंग के माध्यम से योग और ध्यान जैसे मॉड्यूल लंबे समय से चलाए जा रहे हैं।
शैक्षणिक चुनौतियों के लिए सहायता
छात्रों की ओर से प्रतिनिधित्व और सह-पाठ्यक्रम संबंधी मामलों के लिए स्टूडेंट अफेयर्स काउंसिल और को-क्यूरिकुलर एकेडमिक इंटरैक्शन काउंसिल काम कर रहे हैं। संस्थान के अनुसार अकादमिक प्रोग्रेस ग्रुप वर्ष 2023 से छात्रों को शाम के समय ट्यूशन और क्रेडिट बैकलॉग से जुड़ी सहायता उपलब्ध करा रहा है।
शिकायतों के लिए कई माध्यम
आईआईटी दिल्ली ने शिकायत निवारण के लिए केंद्रीकृत ईआरपी पोर्टल की व्यवस्था की है, जहां शिकायतों को संदर्भ संख्या के साथ ट्रैक किया जा सकता है। इसके अलावा बोर्ड फॉर स्टूडेंट वेलफेयर, एससी/एसटी और ओबीसी सेल, हॉस्टल वार्डन, इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी और गोपनीय काउंसलिंग चैनल के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज और उनका समाधान किया जा सकता है।
भेदभाव रोकने और संवेदनशीलता पर जोर
संस्थान के अनुसार 2022 से ऑफिस ऑफ डायवर्सिटी एंड इंक्लूजन परिसर में गैर-भेदभाव और सुगम्यता से जुड़े कार्यक्रम चला रहा है। नए छात्रों के लिए जेंडर इक्विटी एंड सेंसिटाइजेशन, कास्ट इक्विटी और ऑफिस ऑफ एक्सेसिबल एजुकेशन जैसी पहल के तहत प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसमें जाति, लिंग, भाषा, क्षेत्र और जातीयता से जुड़े प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष पूर्वाग्रहों के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया जाता है।


