इग्नू से चार वर्षीय स्नातक के बाद एक साल में मास्टर डिग्री
बरेली। इग्नू ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय मास्टर डिग्री का विकल्प शुरू किया है। यह मास्टर डिग्री कार्यक्रम ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से भी उपलब्ध होगा। इस नई व्यवस्था के तहत विभिन्न विषयों में एमए और एमकॉम की पढ़ाई की जा सकेगी।

बरेली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई व्यवस्था के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय मास्टर डिग्री का विकल्प शुरू किया है। जुलाई 2026 सत्र से इग्नू में इसके तहत नौ नये मास्टर डिग्री कार्यक्रम शुरू किए हैं। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जय प्रकाश वर्मा के मुताबिक चार वर्षीय स्नातक ऑनर्स की पढ़ाई पूरी करने वाले पात्र विद्यार्थी संबंधित विषय में एक वर्ष में मास्टर डिग्री पूरी कर सकेंगे। यह पढ़ाई ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा माध्यम से भी की जा सकेगी। नई व्यवस्था में अर्थशास्त्र, इतिहास, वाणिज्य, समाजशास्त्र, पत्रकारिता एवं जनसंचार, अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी और संस्कृत जैसे विषयों में मास्टर डिग्री के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। सामाजिक विज्ञान से जुड़े विषयों में भी विद्यार्थियों को नए विकल्प दिए गए हैं। इसके अलावा इतिहास में एक वर्षीय मास्टर कार्यक्रम शुरू किया गया है। चार वर्षीय बीकॉम ऑनर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक वर्षीय एमकॉम तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार में एक वर्षीय एमए का विकल्प उपलब्ध कराया गया है.
दो साल के मास्टर के साथ नया विकल्प
अब तक स्नातक के बाद सामान्य रूप से दो वर्षीय मास्टर डिग्री का विकल्प उपलब्ध था। नई व्यवस्था के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों को कम समय में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा को अधिक लचीला बनाने और विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर विकल्प देने में मदद मिलेगी।


