ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News देशअगर टीडीपी ने उतारा स्पीकर पद का उम्मीदवार, इंडिया गठबंधन समर्थन को तैयारः संजय राउत

अगर टीडीपी ने उतारा स्पीकर पद का उम्मीदवार, इंडिया गठबंधन समर्थन को तैयारः संजय राउत

शिवसेना यूबीटी लीडर संजय राउत ने कहा है कि अगर टीडीपी लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारती है तो इंडिया गठबंधन में उसके समर्थन में सहमति बनाई जाएगी।

अगर टीडीपी ने उतारा स्पीकर पद का उम्मीदवार, इंडिया गठबंधन समर्थन को तैयारः संजय राउत
h-t-mp--sanjay-raut-tour-in-sangli-6 jpg
Ankit Ojhaभाषा,नई दिल्लीSun, 16 Jun 2024 02:20 PM
ऐप पर पढ़ें

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (TDP) लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करती है तो विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सभी सहयोगी उसके लिए समर्थन सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।

राउत ने यहां पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव महत्वपूर्ण होगा और अगर BJP को यह पद मिलता है तो वह सरकार का समर्थन करने वाले दलों TDP, जनता दल यूनाइटेड (JDU) और चिराग पासवान और जयंत चौधरी के राजनीतिक संगठनों को तोड़ देगी।

उन्होंने दावा किया, ''हमें अनुभव है कि भाजपा उन लोगों को धोखा देती है जो उसका समर्थन करते हैं।'' राउत ने कहा, "मैंने सुना है कि टीडीपी अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है। अगर ऐसा होता है, तो ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगी इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि विपक्षी गठबंधन के सभी सहयोगी तेदेपा को समर्थन दें।"

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि नियम के मुताबिक विपक्ष को उपाध्यक्ष का पद मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राजग सरकार स्थिर नहीं है। लोकसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ नेताओं द्वारा भाजपा के बारे में दिए गए हालिया बयानों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि अगर आरएसएस अतीत की "गलतियों" को सुधारना चाहता है तो यह अच्छा है।

उन्होंने कहा, ''हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।'' राउत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) संसदीय दल की बैठक में नेता चुना गया था, न कि भाजपा संसदीय दल की बैठक में। उन्होंने कहा, "भाजपा संसदीय दल की बैठक नहीं हुई। अगर भाजपा संसदीय दल की बैठक में नेतृत्व का मुद्दा आता तो नतीजे अलग हो सकते थे। इसलिए NDA संसदीय दल की बैठक में मोदी को नेता चुना गया। यह गंभीर मामला है।"