DA Image
20 सितम्बर, 2020|7:54|IST

अगली स्टोरी

कोविड-19 ना होता तो पिता का अंतिम संस्कार बंगाल में करने पर करते विचार: मुखर्जी के पुत्र ने कहा

कोविड-19 की वजह से अनेक लोगों के प्रणब मुखर्जी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाने का उल्लेख करते हुए उनके पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि यदि महामारी से संबंधित प्रतिबंध नहीं होते तो उनका परिवार पूर्व राष्ट्रपति का अंतिम संस्कार बंगाल में करने पर विचार करता।

पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी का सोमवार को यहां सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में 84 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और मस्तिष्क की सर्जरी के बाद पिछले महीने से अचेत अवस्था में थे।
अभिजीत ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार में कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति की वजह से अनेक लोग शामिल नहीं हो पाए।

उन्होंने कहा, 'यदि कोविड-19 से संबंधित प्रतिबंध न होते तो हम अंतिम संस्कार के लिए उनके पार्थिव शरीर को बंगाल ले जाने पर विचार करते जहां हमारे रिश्तेदार और हमारे परिवार से जुड़े अनेक लोग रहते हैं।' मुखर्जी के परिवार के कुछ सदस्यों और रिश्तेदारों ने पीपीई किट पहनकर लोधी रोड स्थित विद्युत शवदाह गृह में पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि दी। अभिजीत ने उन सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया जिन्होंने पूर्व राष्ट्रपति के अस्पताल में भर्ती होने पर उनके स्वस्थ होने के लिए कामना की और फिर उनके निधन पर फोन कॉल तथा सोशल मीडिया के जरिए शोक प्रकट किया।

उन्होंने कहा, 'अनेक लोग पूर्व राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते थे, लेकिन कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति की वजह से यह संभव नहीं हो पाया। हम उन सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त करते हैं जो दुख की इस घड़ी में हमारे साथ खड़े रहे।'

अभिजीत ने अपने पिता को जन्मजात सैनिक करार दिया जिन्होंने अपने छात्र जीवन में, वकील के रूप में और राजनीतिक नेता के रूप में प्रतिकूल परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कहा, 'जब मैंने 2011 में विधानसभा चुनाव लड़ा तो उन्होंने मुझे किसी के भी खिलाफ वैर भाव या बदले की भावना न रखने की सलाह दी।'

अभिजीत ने कहा कि उनके पिता कहा करते थे, कानून बनानेवालों (सांसदों, विधायकों) को कभी कानून तोड़नेवाला नहीं बनना चाहिए। कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता और कुछ शुभचिंतक भी मुखर्जी के अंतिम संस्कार के समय मौजूद थे। अंतिम संस्कार के समय अपनी बहनों- जयश्री और शुभ्रा के साथ मौजूद बृजेंदु यादव ने कहा, ''मेरे पिता देवेंद्र प्रसाद यादव और प्रणब दा कॉलेज के सहपाठी थे तथा दोनों ने ही केंद्र में भी साथ में ही मंत्री के रूप में सेवा की। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बिहार से संबंध रखने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेंद्र प्रसाद यादव का पिछले महीने हृदय रोग के चलते निधन हो गया था।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:If Covid-19 were not there I would consider doing last rites of father in Bengal: Mukherjee s son abhijit