आईएएस दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पर किया भावुक पोस्ट
- यूपी में अब तक नौ आईएएस ले चुके हैं वीआरएस व तीन इस्तीफा

यूपी कॉडर की वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी अपने सोशल मीडिया एकाउंट फेसबुक और ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दी। दिव्या वर्तमान में विशेष सचिव राजस्व के पद पर तैनात हैं।
इस्तीफे की जानकारी
उन्होंने रविवार की सुबह 7.52 बजे एक मार्मिक व भावुक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा आज मैने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दे दिया है। नियुक्ति विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि अभी तक दिव्या का इस्तीफा नहीं मिला है। कार्यालय खुलने के बाद सोमवार को संभवत: मिल जाए। यूपी में पिछले कुछ सालों में नौ आईएएस अफसर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले चुके हैं और तीन इस्तीफा दे चुके हैं। इसमें रिंकू सिंह राही ने बाद में अपना इस्तीफा वापस ले लिया और रजनीश चंद्रा द्वारा वीआरएस मांगे जाने के बाद भी स्वीकार नहीं हुआ है।
दिव्या मित्तल के कार्य
दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर जिले में डीएम रहते हुए कई ऐसे काम किए जिससे उनकी काफी सराहना हुई। इसमें मिर्जापुर जिले के लहुरियादह गांव में आजादी के 75 साल बाद पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना प्रमुख है। दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। एक चर्चा मिर्जापुर की एक प्रभावशाली नेता से उनके तकरार की भी है। उनके इस्तीफे के बाद यह भी चर्चाएं चल रही है कि शायद दिव्या मिर्जापुर से चुनाव लड़कर उन्हें टक्कर दें।
चर्चाएं
अंदरखाने में यह भी चर्चा है कि दिव्या राजस्व जैसे कम महत्वपूर्ण विभाग में विशेष सचिव बनाए जाने से भी नाराज चल रही थीं। उनके करीबियों का कहना है कि दिव्या कारपोरेट सेक्टर की नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा में इसलिए आई थीं कि वह जनता की सेवा कर सकेंगी और यह तभी संभव था, जब वे जिलों में डीएम रहे। उनका मानना था कि जिस उम्र में फील्ड में काम कर जनता की सेवा की जा सकती है, उस समय उन्हें शासन में बैठा दिया गया।
शैक्षिक योग्यता और यात्रा
दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से पीजीडीएम किया है। 26 नवंबर 2015 को उनका मंसूरी में प्रशिक्षण पूरा हुआ। इसके बाद 27 नवंबर 2015 को मेरठ में उन्हें पहले नियुक्ति संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर मिली। गोंडा में वह मई 2017 में मुख्य विकास अधिकारी बनाकर भेजी गईं। दिव्या कानपुर में संयुक्त महाप्रबंधक यूपीएसआईडीसी और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष फरवरी 2019 में बनाई गईं। संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की डीएम रहने के बाद उन्हें मई 2026 में विशेष सचिव राजस्व परिषद बनाकर भेजा गया।


