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28 मार्च, 2020|8:53|IST

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Corona Virus: वुहान में फंसे भारतीय सहित 6 देशों के नागरिकों को भी निकालेगा IAF सी-17 विमान

india will send c 17 aircraft from wuhan to bring back more indians

वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान करीब 15 टन चिकित्सा सामग्री लेकर बुधवार (26 फरवरी) को चीन के कोरोना वायरस से प्रभावित वुहान शहर रवाना हो गया। यह गुरुवार (27 फरवरी) को 80 भारतीयों और पड़ोसी देशों के 40 नागरिकों को लेकर लौटेगा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि विमान से मास्क, दस्ताने और अन्य चिकित्सा उपकरण भेजे गए हैं। यह कोरोना के प्रसार को रोकने में मददगार हैं। मास्क व चिकित्सा उपकरण की आपूर्ति के लिए अनुरोध मिला था।

विमान कुल 120 लोगों को लेकर वापस आएगा, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। इनमें 23 बांग्लादेशी, जबकि अमेरिका, म्यांमार, तंजानिया, मालदीव और दक्षिण अफ्रीका से कुल 17 नागरिक हैं। विमान पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरेगा। सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों के लिए डिब्बाबंद खाना भेजा गया है। लाए गए लोगों को इंडो-तिब्बत सीमा बल (आईटीबीपी) के चावला कैंप में एहतियातन 14 दिनों के लिए एकांत वार्ड में रखा जाएगा, जिसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है।

एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कोरोना वायरस के मुख्य केंद्र वुहान से यात्रियों को निकालकर वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान 27 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे दिल्ली में लैंड करेगा। अधिकारी ने बताया कि सभी यात्रियों को आईटीबीपी डॉक्टरों की एक टीम द्वारा हवाई अड्डे पर बने एक अलग कमरे में थर्मल स्क्रीनिंग के माध्यम से गुजारा जाएगा।

भारत से 15 टन चिकित्सा सामग्री रवाना
पिछले सप्ताह भारत ने आरोप लगाया था कि चीन विमान को भेजने की अनुमति देने से जानबूझकर मना कर रहा है, जबकि दूसरे देशों को वुहान से अपने नागरिकों को ले जाने के लिए उड़ानें संचालित करने दे रहा है। चीन ने भारत के आरोपों को खारिज किया था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि चिकित्सा आपूर्ति से कोरोना वायरस के प्रसार पर नियंत्रण के प्रयासों में चीन को मदद मिलेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के प्रसार को लोक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। 

मंत्रालय ने कहा कि विमान में 15 टन चिकित्सा सामग्री हैं, जिसमें मास्क, ग्लब्स और चिकित्सा से जुड़े अन्य सामान हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''चीन के लोगों के प्रति भारत के लोगों की एकजुटता और मित्रता के नाते आज सहायता भेजी गई क्योंकि दोनों देश इस साल राजनयिक संबंध स्थापित होने की 70 वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं।" मंत्रालय ने कहा कि चीन में कोरोना वायरस के प्रसार के मद्देनजर मदद भेजी गई है और मास्क तथा चिकित्सा उपकरण जैसी आपूर्ति के लिए अनुरोध मिला था। चीन में कोरोना वायरस से मृतकों की संख्या 2,715 हो गई है और पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 78,064 हो चुकी है।

नया यात्रा परामर्श, दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली की यात्रा से बचें
वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नागरिकों से कहा है कि अगर जरूरी न हो तो वे दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली की यात्रा करने से बचें। इन देशों में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने की खबर है। मंत्रालय ने एक यात्रा परामर्श जारी करते हुए कहा कि दस फरवरी के बाद से दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली से आ रहे लोगों या वहां जा रहे लोगों को भारत पहुंचने पर 14 दिनों के लिए अलग रखा जा सकता है।

सरकार ने कोरोना को लेकर 22 फरवरी को भी एक यात्रा परामर्श जारी किया था। इसमें सिंगापुर की यात्रा न करने की सलाह दी गई थी। साथ ही कहा गया था कि काठमांडू, इंडोनेशिया, वियतनाम और मलेशिया से भारत आ रहे यात्रियों की हवाईअड्डों पर जांच की जाएगी। चीन, हांगकांग, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जापान के यात्रियों की जांच पहले से चल रही थी।

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  • Web Title:IAF Plane Indian rescue flight from Wuhan Citizens from 6 friendly country