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गुस्सैल पिता को बच्ची सौंपने से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- उसे मां के प्यार की जरूरत

Husband-Wife Fight: जोड़े ने साल 2018 में अमेरिका में शादी की थी और 2020 में पैरेंट्स बने। बच्चा होने के कुछ समय बाद ही झगड़े बढ़े और दोनों 6 महीनों तक अलग रहने लगे। बाद में दोनों सिंगापुर चले गए थे।

गुस्सैल पिता को बच्ची सौंपने से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- उसे मां के प्यार की जरूरत
Nisarg Dixitलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईThu, 07 Dec 2023 10:20 AM
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एक मामले में सुनवाई के दौरान पिता के गुस्सैल स्वभाव को देखते हुए बच्ची की कस्टडी देने से इनकार कर दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट में एक शख्स ने याचिका दायर कर बच्ची की कस्टडी के आदेश की मांग की थी। इधर, अदालत का कहना था कि बच्चे के पास दोनों के साथ का अधिकार है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि इस नाजुक उम्र में बच्ची को मां के प्यार की जरूरत है।

उच्च न्यायलय में जस्टिस रेवती मोहिता डेरे और जस्टिस गौरी गोडसे की बेंच सुनवाई कर रही थी। अमेरिका में रहने वाले याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि अलग हो चुकी पत्नी उनकी बच्ची को गैर-कानूनी तरीके से भारत लेकर आई है। इस दौरान कोर्ट ने पत्नी के आरोपों पर भी गौर किया, जिसमें कहा गया था कि शख्स गुस्सैल स्वभाव का है और इससे पहले उसके साथ शारीरिक हिंसा कर चुका है।

क्या बोला कोर्ट
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने आदेश में कहा, 'याचिकाकर्ता के गुस्सैल स्वभाव से जुड़े अतीत के बर्ताव को देखते हुए उन्हें बच्ची की कस्टडी देना सुरक्षित नहीं होगा।' साथ ही यह भी कहा गया कि हिंसक बर्ताव के आरोप बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करते हैं और यह स्वास्थ्य और परवरिश पर बुरा असर डाल सकती है।

कोर्ट ने कहा, 'बच्ची साढ़े तीन साल की है और ऐसे में उसे मां की देखभाव और प्यार की जरूरत है।' कोर्ट ने कहा कि महिला बच्ची के बारे में पति को जानकारियां देती रहती हैं और वीडियो कॉल की भी अनुमति दी हुई है। कोर्ट ने कहा कि भारत में मां के साथ रहना बच्ची के हित में है और यह नहीं कहा जा सकता कि वह यहां गैर-कानूनी तरीके से आई है।

क्या था मामला
जोड़े ने साल 2018 में अमेरिका में शादी की थी और 2020 में पैरेंट्स बने। बच्चा होने के कुछ समय बाद ही झगड़े बढ़े और दोनों 6 महीनों तक अलग रहने लगे। साल 2022 में दोनों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए और सिंगापुर चले गए। हालांकि, नवंबर 2022 में महिला बच्ची के साथ भारत लौट आई और वापस जाने से इनकार कर दिया।

इसके बाद पति की ओर से सिंगापुर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जहां अदालत ने जॉइंट कस्टडी का आदेश दिया। इस साल फरवरी में शख्स ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और सिंगापुर कोर्ट के आदेश मानने के आदेश जारी करने की मांग की थी। साथ ही उसने बच्ची की कस्टडी भी मांगी थी। अब महिला ने याचिका का विरोध किया और कहा कि वह बच्ची की सुरक्षा के चलते भारत आने के लिए मजबूर थी, क्योंकि शख्स ने उसके साथ हिंसा की थी

महिला का कहना था कि उसने पति के खिलाफ सिंगापुर और अमेरिका में घरेलू हिंसा को लेकर पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई है।

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