दहेज हत्या के मामले में 10 साल की सजा, 20 हजार जुर्माना
साक्ष्य के अभाव में सास और देवर दोष मुक्तदहेज हत्या के मामले में 10 साल की सजा, 20 हजार जुर्मानादहेज हत्या के मामले में 10 साल की सजा, 20 हजार जुर्माना

दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को एडीजे, त्वरित न्यायालय पत्नी की हत्या का दोषी पाये जाने पर पति को 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना किया है। वहीं साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने सास और देवर को दोष मुक्त कर दिया है। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अगस्त 2018 को हाथरस के गांव हैदलपुर निवासी कालीचरन ने थाना सदर बाजार में दहेज हत्या के आरोप में 17अप्रैल-2018 को पति समेत चार को नामजद किया। तहरीर के माध्यम से अवगत कराया कि बेटी लक्ष्मी देवी की शादी सोनू निवासी इंदुपुरम, सदर बाजार के साथ सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर की थी।
आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त दहेज के रूप में दो लाख रुपये नकदी और अपाचे बाइक की मांग को लेकर बेटी का उत्पीड़न किया जाने लगा। आरोप लगाया कि मांग पूरी न होने पर एक अगस्त को पति समेत ससुरालियों ने बेटी की हत्या कर दी। विवेचना में पुलिस ने चचिया सास गीता देवी का नाम निकाल दिया। साथ ही पति, सास और देवर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इसकी सुनवाई एडीजे, त्वरित न्यायालय (महिला विरुद्ध अपराध-प्रथम) विजय कुमार के न्यायालय में हुई। शुक्रवार को एडीजे, त्वरित न्यायालय विजय कुमार ने साक्ष्य, गवाही के आधार पर पति सोनू को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना किया। वहीं साक्ष्य के अभाव में सास और देवर को दोष मुक्त कर दिया।


