पत्नी की हत्या छिपाने को रची थी रची थी कानपुर-गंगा वाली झूठी कहानी
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान संवाद। संतकबीरनगर जिले में पत्नी की हत्या का जुर्म छिपाने के

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान संवाद। संतकबीरनगर जिले में पत्नी की हत्या का जुर्म छिपाने के एक मामले में आरोपी पति की तमाम कोशिशें विफल रहीं। ससुरालियों के साथ-साथ पुलिस को खूब छकाया। कभी पत्नी के कानपुर में होने का बहाना बनाया तो कभी गंगा नदी में स्नान करते समय उसके डूब कर लापता हो जाने की बाते करता रहा। हत्या में नाजमद होने के बाद जब पुलिस ने आरोपी पति को पकड़ कर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और फिल्मी अंदाज में साजिश रचकर पत्नी की हत्या करके शव को राप्ती में फेंकने का राज उगला तो पुलिस वाले भी दांतों तले अंगुली दबा लिए।एसओ
राकेश कुमार सिंह के मुताबिक आरोपी रामभजन यादव मेंहदावल क्षेत्र के सोहरवलिया का निवासी है और वह कानपुर में पल्लेदारी का काम करता है। उसकी शादी 13 साल पहले महराजगंज जिले के बृजनमंगज क्षेत्र के मिश्रवलिया टोला दूधनाथ जोत निवासी 28 वर्षीय पुष्पा उर्फ गुड़िया पुत्री राजेंद्र यादव से हुई थी। दंपति की दो बेटियां है। जिसमें 06 वर्षीय रिया और 04 वर्षीय सृष्टि। आरोपी ने बताया कि पिछले दो-तीन साल से पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। बच्चों की परवरिश ठीक से नहीं हो पा रही थी। भूख लगने पर बेटियां पड़ोसियों के घर से मांग कर खाना खाती थीं। इसी बात से कुंठित रहता था। आरोपी रामभजन ने पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश 03 अगस्त को कानपुर में ही रची। 04 अगस्त को दोपहर वह गांव के हनुमानगंज तिराहे पर पहुंचा। वहां से ई-रिक्शा भेजकर झाड़-फूंक कराने के बहाने पत्नी और दोनों बेटियों को बुलवाया। फिर दूसरे ई-रिक्शा से सभी को करमैनी घाट ले गया, वहां नाश्ता कराया। शाम को करमैनी निवासी अपने दोस्त सुभाष साहनी के घर दोनों बेटियों को छोड़ दिया। रात के अंधेरे में झाड़-फूंक के बहाने वह पत्नी पुष्पा को राप्ती नदी के किनारे ले गया। वहां धोखे से डंडे से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद बालू की बोरी पेट से बांधकर शव को नदी की गहराई में फेंक दिया। अगली सुबह दोनों बेटियों को ननिहाल छोड़ आया। ससुराल वालों को ऐसे गुमराह करता रहा। ससुराल वालों से उसने पत्नी को इलाज के लिए कानपुर ले जाने की बात कही। 13 अगस्त को वह अपने पिता के साथ बीमार साले को देखने ससुराल गया तो पत्नी के बारे में पूछने पर कानपुर से न आने का बहाना बना दिया। 15 अगस्त को साले की मौत के बाद 17 अगस्त को फिर ससुराल पहुंचा, तब भी पत्नी के साथ नहीं था। इस बार उसने कहा कि पत्नी कानपुर से गायब हो गई है। शक होने पर ससुर राजेंद्र यादव उसे लेकर पहले बनकसिया चौकी और फिर मेंहदावल थाने पहुंचे। वहां पुष्पा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जब रामभजन से पूछताछ की तो वह कभी 10 अगस्त को गंगा स्नान के दौरान पत्नी के डूबने की कहानी सुनाता। न तो उसने कानपुर पुलिस को सूचना दी थी, न ही किसी रिश्तेदार को। यहीं से पुलिस का शक गहरा गया। इधर 07 अगस्त को गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में नदी में एक महिला का शव मिला था। सोशल मीडिया पर कपड़ों और चूड़ी के आधार पर पीड़ित माता-पिता ने शव की पहचान अपनी बेटी पुष्पा के रूप में की। इसके बाद पीड़ित पिता ने 26 अगस्त को मेंहदावल थाने में दामाद रामभजन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। एसओ ने बताया कि कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी को अपने किए पर पछतावा नहीं था, लेकिन जेल जाने से पहले वह अपनी दोनों मासूम बेटियों को लेकर फिक्रमंद जरूर था।


