सरकारी इमामबाड़ा में शब-ए-दारी व मजलिस का आयोजन
हुसैनगंज में 22 मोहर्रम के अवसर पर इमामबाड़ा में शब-ए-दारी और मजलिस का आयोजन किया गया। मौलाना फ़ज़ले मोमताज़ ख़ान ने कर्बला के त्याग और सत्य के संदेश पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में शबीह-ए-अलम की ज़ियारत और मातम भी किया गया। सभी आयोजकों ने उपस्थित अज़ादारों का आभार व्यक्त किया।

हुसैनगंज, निज संवाददाता। स्थानीय सरकारी इमामबाड़ा में 22 मोहर्रम (1448 हिजरी) के अवसर पर शनिवार की रात शब-ए-दारी व मजलिस का आयोजन किया गया। इस दौरान हज़रत गाज़ी अब्बास अलमदार (अ.स.) का शबीह-ए-अलम बरामद किया गया, जिसकी अज़ादारों ने अकीदत के साथ ज़ियारत की। कार्यक्रम की शुरुआत कमील अज़ीमी एवं अकील हसन की शोज़ख़्वानी तथा अली वज़ीर औन की पेशख़्वानी से हुई। इसके बाद जौनपुर से आए मौलाना फ़ज़ले मोमताज़ ख़ान ने मजलिस को ख़िताब करते हुए वाक़िआ-ए-कर्बला के त्याग, इंसानियत और सत्य के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। मजलिस के उपरांत शबीह-ए-अलम की ज़ियारत कराई गई। इसके बाद अंजुमन फ़िरदौसिया (गोपालपुर), अंजुमन हुसैनिया (ख़ुजवां) एवं अंजुमन असग़रिया (हुसैनगंज) के सदस्यों ने मातम व पुर्सा पेश किया।
विशेष नौहाख्वानी के लिए सुल्तानपुर से आए मशहूर नौहाख्वां मेहफूज़ सुल्तानपुरी ने अपना पुरदर्द कलाम पेश किया, जिसे उपस्थित अज़ादारों ने पूरी अकीदत के साथ सुना। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अज़ादारों का आभार व्यक्त किया। आयोजन अंजुमन असग़रिया, हुसैनगंज की ओर से किया गया।


