टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक हुए लामबंद, पहुंचे सांसद कार्यालय
उरई। संवाददाता टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक लामबंद होकर सांसद कार्यालय पर सैकड़ों की

उरई। संवाददाता टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक लामबंद होकर सांसद कार्यालय पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे। यहां टीईटी अनिवार्यता के विरोध में हुंकार भरते हुए नारेबाजी कर आक्रोश जाहिर किया। इसके बाद प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद को सौंपा।सेवारत शिक्षकों को टेट अनिवार्यता के खिलाफ टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के निर्देश पर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जनपद जालौन के जिलाध्यक्ष विद्यासागर मिश्र, जिला मंत्री नरेश निरंजन के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक सांसद कार्यालय पहुंचकर जालौन भोगनीपुर गरोठा सांसद नारायण दास अहिरवार को सौंपा ज्ञापन। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि जब बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति हुई तब उस समय की अहर्ताएं शिक्षकों ने पूरी करके नौकरी पाई।
आरटीई लागू होने के बाद जो नियुक्त हुई है वो सारे शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण हैं। अब बीच में टेट अनिवार्यता करना उनके साथ अन्याय है। इस अवधि में वह शिक्षक आ रहे जिनकी उम्र 50 वर्ष के ऊपर तथा लगभग 25 वर्ष नौकरी कर चुके हैं। उनके द्वारा लगभग 35 वर्ष पढ़ाई छोड़े हो गए हैं। देश भर के लगभग 25लाख शिक्षक इससे प्रभावित हैं। अभी तक कई शिक्षक आत्महत्या कर चुके हैं। टेट अनिवार्यता के विरोध में एक वर्ष से आंदोलन किया जा रहा है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री का शिक्षकों के हित में एक भी बयान नहीं आया, ये बड़ा दुर्भाग्य पूर्ण है। शिक्षकों ने कहा कि प्रधानमंत्री से आग्रह है कि टीईटी की छूट के लिए सांसद में कानून पास कराके देश के लाखों शिक्षकों से न्याय करे। इस दौरान विद्यासागर मिश्रा, नरेश निरंजन, महेंद्र भाटिया, संजय दुबे, नृपेंद्र सेंगर, मनीष समाधिया, अनुराग मिश्रा, लालजी पाठक, योगेंद्र सिंह जादौन, महेंद्र वर्मा, युद्धवीर कंथारिया, डॉ।वंदना गुप्ता, सौरभी निरंजन, डॉ ममता स्वर्णकार, करुणा अग्रवाल, माधुरी तिवारी, प्रीति उदैनिया, अर्पणा निरंजन समेत सैकड़ो शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।


