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ह्यूमन ट्रैफिकिंगः ट्रेन से अंजान जगह ले जाए जा रहे थे 87 नाबालिग

child trafficking

मुम्बई जाने वाली एक ट्रेन से 26 लड़कियों को मुक्त कराने की घटना के अभी दस दिन भी नहीं हुए हैं कि आज धनबाद - अलपुझा एक्सप्रेस से 87 लड़के संदिग्ध तस्करों से आजाद कराये गये। 

अधिकारियों के अनुसार यह किसी ट्रेन से एक बार में इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बचाने की घटनाओं में एक है। 

अधिकारियों के मुताबिक बोकारो में पुलिस ने इन नाबालिगों के साथ चल रहे छह संदिग्ध तस्करों को हिरासत में ले लिया। 

बोकारो में आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा , '' राज्य खुफिया ब्यूरो और बाल कल्याण समिति दोनों से ही ऐसी सूचना मिली थी कि कुछ बच्चे तस्करी कर ले जाये जा रहे हैं और वे गाड़ी के एस 3 और एस 6 डिब्बे में हैं। 

उन्होंने कहा , '' रेलवे सुरक्षा बल , राज्य पुलिस और आईबी ने 93 लोगों को हिरासत में लिया जिनमें 87 नाबालिग लड़के थे। 

अधिकारियों के अनुसार ये लड़के नौ से 17 साल तक के थे । 

  बच्चों का यह समूह धनबाद में ट्रेन में सवार हुआ था और उन्हें 17 पीएनआर में विभक्त कर दिया गया था। हर टिकट 19 से 27 साल तक के बालिग यात्री ने बुक कराया था। कुछ को विजयवाड़ा उतरना था जबकि कुछ को कोयंबटूर। फिलहाल सभी बच्चे बाल कल्याण समिति के संरक्षण में हैं। 

गौरतलब है कि पांच जुलाई को भी मुजफ्फपुर - बांद्रा अवध एक्सप्रेस से 26 नाबालिग लड़कियां मुक्त करायी गयी थीं। उनके बारे में एक यात्री ने प्रशासन को सूचना दी थी। 

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  • Web Title:Human Trafficking minors being taken to unknown place railway police take 87 minors in custody