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अचानक कैसे बदल गए? केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ठुकरा दिया सरकार का न्योता

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और राज्य की सरकार के बीच तनातनी चल रही है। इसी बीच जब चीफ सेक्रेटरी उन्हें एक कार्यक्रम में आमंत्रित करने पहुंचे तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया।

अचानक कैसे बदल गए? केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ठुकरा दिया सरकार का न्योता
Ankit Ojhaलाइव हिन्दुस्तान,तिरुवनंतपुरमTue, 11 Jun 2024 07:34 AM
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केरल में पिनाराई विजयन की सरकार और राज्यपाल के बीच तनातनी लंबे समय से चल रही है। इसी  बीच केरल सरकार ने जब लोक केरल सभा के उद्घाटन के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को आमंत्रित किया तो उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। बता दें कि तीन दिन चलने वाली लोक केरल सभा दुनियाभर के केरलाइट्स का एक कार्यक्रम होता है। चीफ सेक्रेटरी वी वेणु प्रसाद खुद राज्पाल को आमंत्रित करने राजभवन गए थे। 

बता दें कि कई मामलों को लेकर केरल की सरकार और राज्यपाल में मतभेद देखने को मिलता है। वहीं खान ने चीफ सेक्रेटरी से कहा कि सीपीआई (एम) के नेता उनपर निराधार आरोप लगाते रहते हैं। वहीं सार्जनिक जगहों पर भी उनके छात्र और युवा ऐक्टिविस्ट उनका रास्ता रोकने लगते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जब मंत्रियों ने खुले आम प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया तो उससे उन्हें बहुत दुख पहुंचा। 

मीटिंग के दौरान राज्यपाल ने कहा कि आखिर सरकार इस तरह से अचानक उनके प्रति अपना रवैया क्यों बदल रही है। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कई कार्यक्रम कराए गए जिनमें उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। बता दें कि केरल विधानभवन में ही दुनियाभर के केरलाइट्स के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। यह 13 से 15 जून तक चलेगा। 

बता दें कि बीते साल दिसंबर में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भारतीय उद्योग के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। तभी रास्ते में एसएफआई के कार्यक्रातओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। केरल राज्यपाल ने कहा था कि यह इस तरह की पांचवीं घटना है। उन्होंने कहा था कि झंडों को रॉड में लगाया गया था और इसका इस्तेमाल गाड़ियों की तोड़फोड़ में भी किया जा सकता था। 

वहीं जनवरी में जब वह विधानसभा में बजट सत्र से पहेल भाषण देने पहुंचे तो उन्होंने अपना संबोधन छोटा करके दो मिनट का कर दिया। उन्होंने सदन का अभिवादन किया और फिर पहला पैराग्राफपढ़ने के बाद ही आखिरी पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने अपना संबोधन समाप्त कर दिया था।