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म्यांमार की हिंसा मणिपुर को फिर सुलगा देगी! क्यों भारत को हालात देखकर हो रही टेंशन

म्यांमार की सेना और उसके विरोधी समूहों के बीच एक बार फिर से संघर्ष तेज हो गया है। इसके चलते कई साल बाद फिर से हिंसा का दौर चल रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को पलायन तक करना पड़ा है।

म्यांमार की हिंसा मणिपुर को फिर सुलगा देगी! क्यों भारत को हालात देखकर हो रही टेंशन
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 15 Nov 2023 04:22 PM
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म्यांमार की सेना और उसके विरोधी समूहों के बीच एक बार फिर से संघर्ष तेज हो गया है। इसके चलते कई साल बाद फिर से हिंसा का दौर चल रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को पलायन भी करना पड़ा है। भारत में बड़ी संख्या में म्यांमार से लोगों ने भारत के मिजोरम और मणिपुर राज्यों में पलायन भी किया है। म्यांमार की सेना के विद्रोही समूहों ने उसके खिलाफ 'ऑपरेशन 1027' को लॉन्च किया है। साफ है कि म्यांमार में मची उथल-पुथल का असर भारत पर भी पड़ रहा है। आइए जानते हैं, म्यांमार में चल रही हलचल का भारत पर क्या असर हो सकता है...

म्यांमार से हजारों की संख्या में लोग मिजोरम पहुंचे हैं। इसके चलते भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है। म्यांमार के चिन समुदाय का मणिपुर के कुकी समुदाय से ताल्लुक रहा है। वहीं मणिपुर के ही मैतेई समुदाय के कई उग्रवादी समूहों की म्यांमार के सागैंग में उपस्थिति रही है। माना जाता है कि इन समूहों को म्यांमार की जुंटा सरकार का समर्थन हासिल है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स को लगता है कि म्यांमार में बिगड़े हालात मणिपुर और मिजोरम जैसे राज्यों में भी तनाव पैदा कर सकते हैं।   

भारत के उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी पिछले महीने म्यांमार के दौरे पर गए थे। इस दौरान वह म्यांमार की सरकार और उसके विद्रोहियों के बीच लागू सीजफायर की एनिवर्सरी में भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा था कि मतभेद दूर होने चाहिए। यही नहीं उनका कहना था कि शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जरूरी है। अब उनके दौरे को एक ही महीना बीता है और म्यांमार में फिर से हालात बिगड़ गए हैं। दरअसल म्यांमार में तीन समूह जुंटा सरकार के खिलाफ एकजुट हैं और सशस्त्र विद्रोह के लिए तैयार हैं। ये ग्रुप्स हैं- म्यांमार नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस आर्मी, अराकान आर्मी और तांग नेशनल लिबरेशन आर्मी।

इनके अलावा कुछ और छोटे समूह भी इनके साथ हैं। कहा जाता है कि इन समूहों के पास बड़े पैमाने पर हथियार भी मौजूद हैं। इसके अलावा चीन से जुड़े ट्रेड रूट पर भी इनका नियंत्रण है। यह कुनलोंग इलाके में है। दरअसल म्यांमार में तनाव की स्थिति में पहले भी मिजोरम और मणिपुर में बड़े पैमाने पर शरणार्थी आए थे। इससे संकट पैदा हो गया था। भारत में मणिपुर पहले से ही तनाव की स्थिति में है। ऐसे में यदि म्यांमार से एक बार फिर शरणार्थी आए तो संकट की स्थिति पैदा होगी।

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