ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News देशजंयत चौधरी का NDA में कितना सम्मान? बैठने की जगह को लेकर मचा घमासान

जंयत चौधरी का NDA में कितना सम्मान? बैठने की जगह को लेकर मचा घमासान

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित समाजवादी पार्टी ने इस पर सवाल उठाया और पूछा कि रालोद अध्यक्ष मंच से क्यों गायब हैं और अन्य सांसदों के बीच क्यों बैठे हैं।

जंयत चौधरी का NDA में कितना सम्मान? बैठने की जगह को लेकर मचा घमासान
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Sat, 08 Jun 2024 08:59 AM
ऐप पर पढ़ें

लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कई हस्तियों को भारत रत्न से नवाजा। उनमें राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी के दादा दिवंगत चौधरी चरण सिंह का भी नाम शामिल था। इसका असर यूपी की सियासत पर भी हुआ। बीजेपी और आईएनलडी का गठबंधन हुआ। अब जब केंद्र में गठबंधन की सरकार बनने जा रही है तो उससे पहले जयंत चौधरी सुर्खियों में हैं। कल संसदीय दल की बैठक के दौरान उनके बैठने की जगह को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है।

जी हां, राजनीति में आप कहां बैठते हैं, यह मायने रखता है। जब शुक्रवार को एनडीए संसदीय बैठक में राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी दो सांसदों के साथ मंच पर नहीं दिखे तो काफी विवाद हुआ। सोशल मीडिया पर इस पर बहस भी हुई। 

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित समाजवादी पार्टी ने इस पर सवाल उठाया और पूछा कि रालोद अध्यक्ष मंच से क्यों गायब हैं और अन्य सांसदों के बीच क्यों बैठे हैं। सपा ने भारतीय जनता पार्टी पर उंगली उठाई। उसने कहा, 'जाट समुदाय के प्रति भाजपा की नफरत और दिवंगत चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजित सिंह के प्रति झूठा सम्मान उजागर हो गया है। अगर जयंत चौधरी वास्तव में किसान हितैषी नेता हैं तो उन्हें एनडीए से खुद को अलग कर लेना चाहिए और किसानों के हित के लिए भाजपा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। उन्हें भाजपा के साथ छोटे-मोटे प्रलोभनों के लिए अपने स्वाभिमान और किसान हितों का सौदा नहीं करना चाहिए।' 

आरएलडी ने हालांकि इसे एक छोटा मुद्दा बताया। 

सरकार और संसद के सूत्रों ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि बैठने का क्रम अलग-अलग था। सूत्रों ने बताया कि एनडीए के सभी घटक दल जैसे कि RLD के जयंत चौधरी, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री संसद के सेंट्रल हॉल में बैठे थे। इस बात पर भी गौर किया गया कि एनडीए की बैठक के दौरान भी दो दिनों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार बैठे रहे। सूत्रों ने बताया कि यह तीनों के बीच की दोस्ती को दिखाने का प्रयास है, ताकि इंडिया घठबंधन की इस धारणा का मुकाबला किया जा सके कि बनने वाली सरकार गठबंधन की राजनीति के कारण बच नहीं पाएगी। हालांकि, जयंत चौधरी कहां बैठे, यह कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे विपक्ष जल्दी भूलने देगा।