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23 फरवरी, 2020|11:32|IST

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CAA विरोध प्रदर्शन में कितने लोगों की हुई मौत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

allahabad high court seek report form up govt

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से सूबे में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हिंसक विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस उत्पीड़न की समूहों, संगठनों व व्यक्तिगत शिकायतों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि पुलिस के खिलाफ कितनी शिकायतें दर्ज की गईं। विरोध-प्रदर्शन में कितने लोग मरे एवं कितने लोग घायल हुए। घायलों को प्रदत्त चिकित्सा सुविधा की जानकारी दी जाए। साथ ही मीडिया रिपोर्ट की सत्यता की जांच की गई या नहीं। 

मृत लोगों के घरवालों को शव विच्छेदन रिपोर्ट दी गई या नहीं। कोर्ट ने राज्य सरकार को 17 फरवरी तक समस्त ब्योरे के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने पीयूसीएल, पीएफआई व अजय कुमार सहित आधा दर्जन जनहित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है। 

याचिका पर केंद्र सरकार व राज्य सरकार की तरफ से हलफ़नामा दाखिल किया गया। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी, महमूद प्राचा सहित कई अन्य वकीलों ने बहस की। केंद्र सरकार के लिए अधिवक्ता सभाजीत सिंह व राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा। याचिका में मांग की गई है कि सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शिकायतों की एफआईआर दर्ज कराई जाए और हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश या एसआईटी से जांच कराई जाए। घायलों का इलाज कराया जाए।

याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का उत्पीड़न किया है। इसकी रिपोर्ट विदेशी मीडिया में छपने से भारत की छवि को नुकसान हुआ है। कहा गया है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, मेरठ व अन्य शहरों में पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शिकायतों की विवेचना कर कार्रवाई की जाए। केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि केन्द्रीय सुरक्षा बल राज्य सरकार के बुलाए जाने पर भेजा गया। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए उचित कार्रवाई की गई है। 

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में बड़ी संख्या में पुलिस वाले भी घायल हुए हैं। पुलिस पर फायरिंग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़, आगजनी कर सरकारी व व्यक्तिगत संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाया है, जिसकी विवेचना की जा रही है। कोर्ट ने प्रत्येक घटना व शिकायत पर की गई कार्रवाई का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।

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  • Web Title:How many people died in CAA protests Allahabad High Court sought Information from UP government