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हिंदी न्यूज़ देशकितनी तेज है कोविड की तीसरी लहर? स्वास्थ्य मंत्री ने दिखाए चौंकाने वाले आंकड़े

कितनी तेज है कोविड की तीसरी लहर? स्वास्थ्य मंत्री ने दिखाए चौंकाने वाले आंकड़े

लाइव हिन्‍दुस्‍तान,बेंगलुरुAmit Kumar
Fri, 14 Jan 2022 10:39 PM
कितनी तेज है कोविड की तीसरी लहर? स्वास्थ्य मंत्री ने दिखाए चौंकाने वाले आंकड़े

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पिछले कुछ दिनों से भारत में लगातार ढाई लाख से ज्यादा मामले हर रोज आ रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो देश में कोरोना की तीसरी लहर जारी है। इसको लेकर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री ने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर ने शुक्रवार को दावा किया कि कोविड-19 महामारी की चल रही तीसरी लहर पहली दो लहरों की तुलना में बहुत तेज है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ के सुधाकर एक चिकित्सक भी हैं। 

3-5 दिनों डबल हो रहे कोरोना केस

राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कर्नाटक के महामारी के आंकड़ों के अनुसार पहली लहर में कोविड-19 मामलों की दोगुनी होने की दर (दोहरीकरण या डबलिंग रेट) 2 दिनों से शुरू हुई और फिर 33 दिनों तक पहुंच गई थी। यानी पहली लहर के दौरान राज्य में तब 33 दिनों में कोरोना के मामले डबल हो रहे थे। वहीं दूसरी लहर में, दर 10 दिनों से घटकर 8 दिन हो गई थी। लेकिन चल रही तीसरी लहर में, दोहरीकरण दर 3-5 दिनों के बीच है। राज्य के आंकड़ों के अनुसार, तीसरी लहर 27 दिसंबर से शुरू हुई और अब 3-5 दिनों में कोरोना के मामले दोगुने हो रहे हैं।  

दोहरीकरण दर क्या है?

जितने दिनों में कोरोना मामले संख्या में दोगुने हो जाते हैं, वह कोविड की दोहरीकरण दर या डबलिंग रेट को दर्शाता है। अगर डबलिंग रेट कम है तो इसका मतलब है कि वायरस तेजी से फैल रहा है। कर्नाटक में, 27 दिसंबर, 2021 और 9 जनवरी, 2022 के बीच डबलिंग रेट 3 दिन रही। यानी यहां तीन दिन में कोरोना के मामले दोगुने हो रहे थे। जहां 9 जनवरी को, कर्नाटक में 12,000 संक्रमणों के मामले सामने आए थे तो वहीं आज यानी शुक्रवार को अकेले बेंगलुरु में 20,000 से अधिक कोरोना मामले सामने आए हैं। कर्नाटक में 12.98% की संक्रमण दर के साथ 28,723 मामले आए हैं।

 

अस्पताल में भर्ती होने की दर कम

स्वास्थ्य मंत्री ने डेटा दिखाते हुए कहा कि चल रही लहर के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ढिलाई बर्तने का कारण नहीं है। मई 2021 के दूसरे सप्ताह में, कर्नाटक में 3 लाख से अधिक सक्रिय मामले थे और अस्पताल में भर्ती होने की दर 22% थी। जनवरी के पहले 11 दिनों में, केवल 6% अस्पताल में भर्ती होने के साथ ही सक्रिय मामले 62,000 के करीब हैं।  

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