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4 जून, 2020|4:44|IST

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देखते- देखते गोलियों में बदल गया सीएए के खिलाफ फूलों से शुरू हुआ प्रदर्शन

anti caa protest

बीते सोमवार सुबह 11 बजे नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली के जाफराबाद के मेन रोड पर जुट गए। वे सीएए समर्थकों के लिए हाथ में फूल लिए खड़े थे जो कि मौजपुर बाबरपुर मेट्रो स्टेशन पर फूलों के ही सीएए का समर्थन कर रहे थे। सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कहा था कि यदि हमपर पत्थर फेंके जाएंगे तो हम फूलों से उनका स्वागत करेंगे। दोपहर 2 बजे तक मिनट भर में ये शांति प्रदर्शन पत्थरबाजी में बदल गए और दोनों पक्षों ने इसके लिए एक दूसरे पर दोष मढ़ा। फूलों की जगह, डंडे, लोहे की रॉड, पत्थर और शीशियां एक दूसरे पर फेंके जा रहे थे। मुख्य सड़क पर घरों के बाहर खड़े कम से कम तीन वाहनों इस बवाल की चपेट में आ गए, एक दुकान के साथ एक इमारत को आग लगा दी गई, कई घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई और कई लोग घायल हो गए।

3 बजे तक, जब अतिरिक्त बलों को बुलाया गया और फ्लैग मार्च किया गया, तो पथराव के कई दौरों के बाद, सड़क  ईंटों, पत्थरों, कांच की बोतलों से भर गई थीं। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि सुबह 10 बजे हम सभी सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के लिए फूल लेकर आए जिससे कि समर्थकों का सामना होने पर हम ये उन्हें दे सकें। हमने अपने लोगों के बैरीकेड के पीछे रहने को कहा था। हमने देखा कि सीएए समर्थन डंडे और शीशियां लेकर हमारी तरफ बढ़ रहे थे तो हमने उनकी ओर फूल बढ़ाए लेकिन उन्होंने आग लगाना और हमपर हमला करना शुरू कर दिया तो ऐसे में हम कैसे न जवाब देते। जबकि हमारी योजना को शांति से फूल देकर उनका स्वागत करने की थी लेकिन वे तो हमारी बहन बेटियों पर हमला करने लगे थे। 

प्रदर्शन में शामिल तबस्सुम नाम की महिला ने कहा कि- कोई भी ताकत हमें देश से बाहर नहीं निकाल सकती। हम शनिवार रात से यहां बैठे हैं। हम इतने लंबे समय से शाहीन बाग में हैं और हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई है। हम हिंसा नहीं चाहते हैं। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, हम अपने बच्चों और उनके भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन दूसरे समूह को पुलिस का समर्थन प्राप्त है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध और समर्थन को लेकर सोमवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली में चार जगहों पर हिंसा भड़क उठी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हिंसा में डीसीपी, समेत 60 से ज्यादा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालात पर काबू पाने के लिए आपात बैठक बुलाई थी। फिलहाल दिल्ली के इन इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।


 

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  • Web Title:How anti CAA protest in Delhi unfolded As it began with roses ended with bullets