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एतिहासिक दिन: 50 साल पहले देश को मिली थी पहली पनडुब्बी INS Kalavari

राष्ट्रपति करेंगे नौसेना को सम्मानित
राष्ट्रपति करेंगे नौसेना को सम्मानित

चार दिसंबर को भारतीय नौसेना अपना दिवस मनाती है तो ठीक चार दिन बाद एक और अहम दिन इसका इंतजार कर रहा होता है। आठ दिसंबर को हर वर्ष भारतीय नौसेना सबमरीन डे यानी पनडुब्बी दिवस मनाती है। इस वर्ष इस खास दिन को 50 वर्ष पूरे हो गए हैं। 8 दिसंबर 1967 को पहली पनडुब्बी भारतीय नौसेना में शामिल हुई थी और इस पनडुब्बी का नाम था आईएनएस कलावरी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज नौसेना की पनडुब्बी शाखा के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर विशाखापट्टनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड को सम्मानित करेंगे।

पाक के साथ जंग के बाद बढ़ी ताकत 
आईएनएस कलावरी के साथ ही भारत को न सिर्फ पहली पनडुब्बी मिली थी इसके मिलने से देश की ताकत में इजाफा भी हुआ था। यह बात गौर करने वाली है कि आईएनएस कलावरी भारत को सन् 1965 में पाकिस्तान के साथ हुई जंग के बाद मिली थी। 31 मई 1996 में इस पनडुब्बी को 29 वर्षों की सेवा के बाद रिटायर कर दिया गया। इस मौके पर आईएनएस कलावरी को कमांड कर चुके कमांडिंग ऑफिसर कमाडोर केएस सुब्रहमण्यम जिनकी उम्र अब 92 साल है, वह भी मौजूद रहेंगे। 

रूस से आई थी INS कलावरी
रूस से आई थी INS कलावरी

आईएनएस कलावरी फॉक्सट्रॉट क्लास की पनडुब्बी थी। चेन्नई के चार इंडियन नेवी ऑफिसर पहली पनडुब्बी के सफर के गवाह बने थे जो रूस के सेंट पीटर्सबर्ग से साल 1967 में विशाखापट्टनम पहुंची थी। कमाडोर केएस सुब्रह्मण्यम के अलावा लेफ्टिनेंट कमांडर ए अब्राहम, लेफ्टिनेंट पीके रामनाथन और लेफ्टिनेंट रमेश 79 दिनों के बाद विशाखापट्टनम आए थे। इस पनडुब्बी के पहले बैच में 14 ऑफिसर्स और 120 नौसैनिक मौजूद थे। भारत ने रूस के साथ मिलकर इस पनडुब्बी का निर्माण 27 दिसंबर 1966 को शुरू किया था। इस पनडुब्बी के रिटायर होने के 17 वर्ष बाद 14 दिसंबर को इसी नाम की पनडुब्बी को नौसेना में शामिल किया जाएगा। सात फरवरी 1992 को भारत ने आईएनएस शाहल्की को नौसेना में शामिल किया था। इसके साथ भारत दुनिया के उन देशों का हिस्सा बन गया था जो पनडुब्बी का निर्माण कर सकते हैं। 

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  • Web Title:Historical day: 50 years ago the country got the first submarine INS Kalavari