बाल विवाह समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने पर मनाई खुशी
किच्छा, संवाददाता। इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित करने का स्वागत किया। डॉ. अमित श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारत का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों से जुड़ाव है।

किच्छा, संवाददाता। इंस्टीट्यूटऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने को ऐतिहासिक कदम बताते हुए स्वागत किया। आईएसडी के निदेशक डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी संस्था जेआरसी का सहयोगी संगठन है। जेआरसी लंबे समय से इस दिवस की मांग कर रहा था। शिक्षक दिवस पर शनिवार को आईएसडी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक डॉ. अमित श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 2024 में इसी दिन भारत सरकार ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन जैसे नागरिक समाज संगठनों को साथ लेकर 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान की शुरुआत की थी।
मार्च 2026 में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने संयुक्त राष्ट्र में कई वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में बाल विवाह के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने के लिए प्रस्ताव लाने की बात कही थी। भारत से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है। उन्हें खुशी है कि आज उनके प्रयासों को वैश्विक मान्यता मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक दिवस के लिए 27 नवंबर की तारीख चुनी है। 4 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। संयुक्त राष्ट्र के कदम का स्वागत करते हुए आईएसडी कार्यालय में खुशियां मनाई गईं।


