जगन्नाथपुर रथयात्रा:: पहली बार पालकी पर मौसीबाड़ी जाएंगी मां लक्ष्मी, तोड़ेंगी रथ का पहिया

हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

रांची। जगन्नाथपुर मंदिर में हेरा पंचमी का उत्सव एक नई परंपरा के साथ मनाया जाएगा। पहली बार मां लक्ष्मी पालकी पर विराजमान होकर मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी के लिए जाएंगी और रथ का पहिया क्षतिग्रस्त करेंगी। यह आयोजन रविवार सुबह नौ बजे होगा।

जगन्नाथपुर रथयात्रा:: पहली बार पालकी पर मौसीबाड़ी जाएंगी मां लक्ष्मी, तोड़ेंगी रथ का पहिया

रांची। जगन्नाथपुर मंदिर में इस वर्ष हेरा पंचमी का उत्सव एक नई और ऐतिहासिक परंपरा का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर के करीब 335 वर्षों के इतिहास में पहली बार क्रोधित मां लक्ष्मी पालकी पर विराजमान होकर मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगी। वहां पहुंचकर वह भगवान जगन्नाथ के रथ का एक पहिया क्षतिग्रस्त करने की पारंपरिक रस्म निभाएंगी। यह धार्मिक आयोजन रविवार सुबह नौ बजे मुख्य मंदिर से शुरू होगा। इससे पहले तक हर वर्ष मंदिर के पुजारी मां लक्ष्मी के सिंहासन को अपने कंधे पर लेकर गाजे-बाजे के साथ मौसीबाड़ी पहुंचते थे, जहां इस रस्म को पूरा किया जाता था।

पौराणिक कथा

जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रामेश्वर पाढ़ी ने इस पौराणिक कथा पर बताया कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा, सुदर्शन चक्र और गरुड़ के साथ रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी जाते हैं। इस यात्रा में भगवान अपनी पत्नी लक्ष्मी को मुख्य मंदिर में ही छोड़ जाते हैं, जिससे नाराज होकर मां लक्ष्मी हेरा पंचमी के दिन मौसीबाड़ी पहुंचती हैं और रथ का पहिया तोड़कर अपनी नाराजगी प्रकट करती हैं। यह परंपरा प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देती है कि अब भगवान जगन्नाथ मुख्य मंदिर कैसे लौटेंगे।

अनूठी नोकझोंक और मान-मनौवल

पुजारी के अनुसार, मां लक्ष्मी का यह आक्रोश घुरती रथ यानी आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन भी देखने को मिलता है। जब भगवान जगन्नाथ मौसीबाड़ी से लौटते हैं, तो मां लक्ष्मी बलभद्र और सुभद्रा को तो प्रवेश दे देती हैं, लेकिन भगवान जगन्नाथ के लिए मंदिर का द्वार बंद कर देती हैं। इसके बाद दोनों के बीच अनूठी नोकझोंक और मान-मनौवल होती है, जहां भगवान जगन्नाथ अपनी पत्नी को मनाने के लिए साड़ी और रसगुल्ला भेंट करते हैं। अंत में बड़े भाई बलभद्र के हस्तक्षेप और भगवान द्वारा अपनी भूल स्वीकार करने के बाद मां लक्ष्मी का क्रोध शांत होता है, जिसके बाद वह द्वार खोलकर भगवान जगन्नाथ को पुनः सिंहासन पर विराजमान कराती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेरा पंचमी उत्सव कब मनाया जाएगा?
यह धार्मिक आयोजन रविवार सुबह नौ बजे मुख्य मंदिर से शुरू होगा।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsNational Newsजगन्नाथपुर रथयात्रा:: पहली बार पालकी पर मौसीबाड़ी जाएंगी मां लक्ष्मी, तोड़ेंगी रथ का पहिया