कचटा-बिसोई की दो चालदा डोलियों का यमुना में होगा दुर्लभ स्नान
जौनसार-बावर में 14 सितंबर को देव जागड़ा पर्व ऐतिहासिक रूप से आयोजित होने जा रहा है। प्रमुख देवस्थानों में श्री महासू महाराज का जागड़ा एक ही दिन होगा। हजारों श्रद्धालु देव दर्शन और मन्नतें मांगने के लिए पहुंचेंगे। कचटा में चालदा महाराज का जागड़ा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

जौनसार-बावर में आध्यात्मिक जागरण के प्रतीक देव जागड़ा पर्व इस बार ऐतिहासिक होने जा रहा है। क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख देवस्थानों में श्री महासू महाराज का जागड़ा एक ही दिन 14 सितंबर को आयोजित होंगे। हनोल, थैना, कचटा, बिसोई, लखस्यार, लखवाड़, खाटवा और कोटी-ईछाड़ी में एक साथ देव पालकियों के दर्शन होंगे। हजारों श्रद्धालु अपने-अपने देवस्थलों पर पहुंचकर देव दर्शन और मन्नतें मांगेंगे। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भारत चौहान ने बताया कि इस बार सबसे अद्भुत नजारा खत कोरू के कचटा में देखने को मिलेगा। यहां चालदा महाराज का जागड़ा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। दोहा से देवता की डोली कचटा पहुंच चुकी है।
जागड़े के दिन डोली यमुना नदी में पवित्र स्नान के लिए पहुंचेगी। इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने के लिए खत कोरू समेत पूरे जौनसार-बावर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


