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इजरायल के लिए भारत में बंपर हायरिंग, 5 और राज्य जुड़े; UP, हरियाणा से 5600 श्रमिकों का चयन

एक अनुमान है कि अगर 5000 श्रमिक इजरायल में पांच साल तक काम करते हैं, तो भारत को 5,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। यानी ये श्रमिक अपने देश भारत में करीब 5 हजार करोड़ रुपये भेजेंगे।

इजरायल के लिए भारत में बंपर हायरिंग, 5 और राज्य जुड़े; UP, हरियाणा से 5600 श्रमिकों का चयन
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 31 Jan 2024 07:18 AM
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युद्धग्रस्त इजरायल के लिए भारत में कुशल श्रमिकों की जबरदस्त हायरिंग चल रही है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाद अब पांच और राज्य आगे आए हैं जिन्होंने इस भर्ती अभियान में हिस्सा लेने का फैसला किया है। बता दें कि इस भर्ती अभियान के लिए 15 सदस्यीय इजरायली टीम भारत आई है। ये टीम कई राज्यों में कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (निर्माण श्रमिक) को भर्ती कर रही है। 

यह अभियान 16 से 20 जनवरी तक हरियाणा में आयोजित किया गया था, जहां 1,370 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 530 का चयन किया गया था। वहीं उत्तर प्रदेश में मंगलवार को खत्म हुई भर्ती प्रक्रिया में 7182 में से कुल 5087 का चयन किया गया। अब मिजोरम, तेलंगाना, राजस्थान, बिहार और हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम इंटरनेशनल (एनएसडीसीआई) से मंगलवार को इजरायल के लिए भर्ती अभियान चलाने का अनुरोध किया है। पहले 31 जनवरी, 2024 की समय सीमा निर्धारित थी। उस दौरान शुरुआत में केवल दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और हरियाणा) ने ही एनएसडीसी से संपर्क किया। एक अनुमान है कि अगर 5000 श्रमिक इजरायल में पांच साल तक काम करते हैं, तो भारत को 5,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। यानी ये श्रमिक अपने देश भारत में करीब 5 हजार करोड़ रुपये भेजेंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण भारत को कुशल जनशक्ति का वैश्विक केंद्र बनाना है। ये (भर्ती प्रक्रिया) उसी दिशा में उठाया गया कदम है। यह विकसित भारत के निर्माण की दिशा में समग्र दृष्टिकोण का हिस्सा है। सिर्फ इजरायल ही नहीं, भारत कई अन्य देशों को कुशल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।" इजरायल में निर्माण श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने की प्रक्रिया को भारत के केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय और जनसंख्या, आव्रजन और सीमा प्राधिकरण (पीआईबीए) और इजरायल के तहत काम करने वाली एजेंसी एनएसडीसी इंटरनेशनल द्वारा पूरा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध के बाद, बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों के वर्क परमिट रद्द कर दिए गए हैं। ऐसे में इजरायल की कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री खाली पड़े पदों को भरने के लिए भारत और अन्य देशों से श्रमिकों की तलाश कर रही है। यह भर्ती बार बेंडर, मेसन, टिलर, स्टटरिंग कारपेंटर जैसे कामों के लिए है। हायर होने पर चिकित्सा बीमा, भोजन और रहने की व्यवस्था के साथ-साथ 1.37 लाख रुपये महीने की सैलरी (वेतन) होगी। इन श्रमिकों को प्रति माह 16,515 रुपये का बोनस भी दिया जाता है।

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