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हिन्दुस्तान पीएसयू अवार्ड्स 2018: धर्मेंद्र प्रधान बोले- हिन्दुस्तान की रीढ़ हैं PSU

पीएसयू को सम्मानित करते पीयूष गोयल।

1 / 3पीएसयू को सम्मानित करते पीयूष गोयल।

केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मामलों के मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान

2 / 3केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मामलों के मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान

हिन्दुस्तान पीएसयू अवॉर्ड

3 / 3हिन्दुस्तान पीएसयू अवॉर्ड

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'हिन्दुस्तान' देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) को 'हिन्दुस्तान रत्न पीएसयू अवॉर्ड-2018' से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के हयात होटल में आयोजित किया गया है। इस कार्यकर्म में पीएसयू को अलग-अलग कैटेगरी के तहत सम्मानित किया गया है। सार्वजनिक उपक्रमों के योगदान को पुरस्कृत करने के लिए 'हिन्दुस्तान' की तरफ से दूसरी बार यह पहल की गई। पिछले साल कुल आठ श्रेणियों में 15 सार्वजनिक उपक्रमों को सम्मानित किया गया था।

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यहां देखें कार्यक्रम से संबंधित लाइव अपडेट-

- तेजी से प्रगति कर रहे संगठन का महारत्न कैटेगरी का अवॉर्ड आईओसीएल को दिया गया है।
- तेजी से प्रगति कर रहे संगठन का मिनी रत्न कैटेगरी का  अवॉर्ड एमओआईएल को दिया गया है।
- बेहतरीन वित्तीय निष्पादन का मिनी रत्न कैटेगरी का अवार्ड एमईसीएल को दिया गया है। 
- उत्कृष्ट इनोवेशन के लिए पावरग्रिड कॉरपोरेशन को सम्मानित किया गया है।

- आज हमने अपने लोगों को प्रोत्साहित करने का काम किया है। प्रोत्साहन अपने आप में एक बहुत बड़ा कदम है। पीएसयू देश की शान हैं। आज देश आगे बढ़ रहा है। पूरे विश्व में भारत की पहचान है। - केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा 

- कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा।

ज्यादा तनख्वाह वाली प्राइवेट नौकरियां छोड़कर लोग पीएसयू में काम कर रहे हैं जिससे देश की सेवा हो सके- धर्मेन्द्र प्रधान, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मामलों के मंत्री

- पीएसयू सिर्फ एक आर्थिक संस्थान, रोजगार पैदा करने वाला संस्थान नहीं हैं। ये भारत की रीढ़ हैं। पीएसयू भारत में रोजगार के मौके बढ़ा रही हैं, सामाजिक उतरदायित्व को निभा रही हैं। - धर्मेन्द्र प्रधान, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मामलों के मंत्री

- 60 साल में 13 करोड़ एलपीजी नेटवर्क बन पाया था लेकिन चार साल में 10 करोड़ नये एलपीजी कनेक्शन दिये गये- धर्मेन्द्र प्रधान, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मामलों के मंत्री

- देश की कुछ बुनियादी जरूरतों की पूरा करने में अगर सरकार की कोई कंपनी नहीं होती तो कोई प्राइवेट कंपनी यह नहीं करती। प्राइवेट कंपनियों का एक ही लक्ष्य है लाभ। सरकारी कंपनियों का मुद्दा केवल लाभ ही नहीं है। उनके लिए एक सामाजिक हित बड़ा लक्ष्य है। सामाजिक हित और लाभ में एक थोड़ा सा अंतर है। दोनों में संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है। अगर यह बिगड़ जाता है तो नुकसान भी हो जाता है। -केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

- केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मामलों के मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा- मेरा सामाजिक और राजनीतिक काम पीएसयू से बढ़ा है। पीएसयू का काम हमने बचपन से देखा है।

-पीएसयू के काम को और ज्यादा सुधारने की आवश्यकता है। यह काम हमें मिल जुलकर करना होगा।  - पीयूष गोयल

- जो स्कील डवलपमेंट मंत्रालय ने किया है, वह बहुत ही अच्छा काम है। उन्होंने देश के कोने कोने में कौशल विकास को एक अहम भूमिका दी है। यह हमें मानव संशाधन में एक गति देगा और बल देगा। - पीयूष गोयल

- हमारी पीएसयू पर हमें नाज़ हैं। ये देश का गर्व हैं। मैं देख रहा था कि किन कंपनियों को अवार्ड दिया जा रहा है। इनमें कुछ कोयला, खनन, पावर, बैंकिंग और अन्य सेक्यर की पीएसयू शामिल हैं। - पीयूष गोयल

पीएसयू में काम करना एक चुनौती है। पीएसयू में काम करके उसे बढ़ाना और उसका प्रदर्शन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। सभी कंपनियां सीएसआर में भी अच्छी भूमिका भी निभाती हैं। - पीयूष गोयल

सम्मान
- इस बार सात श्रेणियों में सरकारी उपक्रमों को पुरस्कृत किया जाएगा
-केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और महेश शर्मा विजेताओं को सम्मानित करेंगे

यहां देखें कार्यक्रम का लाइव प्रसारण

पुरस्कारों की श्रेणी
- पहली श्रेणी में तेजी से प्रगति कर रहे संगठन को अवॉर्ड दिया जाएगा
-दूसरी श्रेणी में बेहतरीन वित्तीय निष्पादन को आधार बनाया गया है
-तीसरी श्रेणी में उत्कृष्ट कॉरपोरेट-सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के निर्वहन के लिए पुरस्कार दिया जाएगा 
-चौथी श्रेणी के तहत उत्कृष्ट मानव संसाधन विकास के लिए यह अवॉर्ड दिया जाएगा
- उत्कृष्ट इनोवेशन के लिए अवॉर्ड 
-बेहतरीन कायापलट रणनीति के लिए अवॉर्ड
-उत्कृष्ट हरित पहल के लिए अवॉर्ड 

एक नजर : हिन्दुस्तान रत्न पीएसयू अवॉर्ड
-'हिन्दुस्तान रत्न पीएसयू अवॉर्ड-2018' हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड की अनोखी पहल है। पुरस्कारों के लिए सिर्फ उन्हीं उपक्रमों से आवेदन मांगे गए थे, जो केंद्र सरकार के अधीन हैं और पिछले दो सालों से मुनाफा कमा रहे हैं। इनमें महारत्न, नवरत्न, मिनी रत्न, अन्य पीएसयू और बैंकिग, वित्तीय व बीमा सेवाएं शामिल हैं। राज्यों के अधीन आने वाले पीएसयू को इन पुरस्कारों के दायरे में शामिल नहीं किया गया। 

विजेताओं का चयन
-पीएसयू में कार्य कर चुके वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों की एक ज्यूरी ने गहन-विचार विमर्श के बाद 'हिन्दुस्तान रत्न पीएसयू अवॉर्ड-2018' के विजेताओं का चयन करेंगे।

देश की सेवा में जुटे 15 पीएसयू को ‘हिन्दुस्तान रत्न अवॉर्ड’

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  • Web Title:Hindustan PSU Awards 2018 Piyush Goyal Dharmendra Pradhan Mahesh Sharma