शिवभक्तों के स्वागत में बरसे फूल, वर्षों से कायम भाईचारे की परंपरा
गाजियाबाद के मेरठ रोड पर कांवड़ यात्रा के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। पिछले 16 वर्षों से दोनों समुदाय के लोग मिलकर शिवभक्तों का स्वागत करते हैं। इस साल भी कांवड़ सेवा शिविर में लोग एक साथ मिलकर शिवभक्तों को खाने, पानी और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।

गाजियाबाद, मोहित शर्मा। कांवड़ यात्रा के दौरान जहां मेरठ रोड पर बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं, वहीं हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिल रही है। मेरठ रोड पर पिछले 16 वर्षों से हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग मिलकर कांवड़ लेकर गुजरने वाले शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत कर रहे हैं। इस बार भी भाईचारे की यह परंपरा देखने को मिल रही है। कांवड़ सेवा शिविर में दोनों समुदायों के लोग मिलकर शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं। सावन के पवित्र महीने में चारों और गूंजते बम - बम भोले के जयकारों के साथ शिवभक्त अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
शहर में विभिन्न स्थानों पर लोग शिविर लगाकर शिवभक्तों का अलग-अलग तरीके से स्वागत कर रहें हैं। इसी बीच मेरठ रोड़ पर लगे एक शिविर में शिवभक्तों का स्वागत फूलों से किया जा रहा हैं। इसके साथ उन्हें खाने से लेकर अन्य प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मेरठ रोड पर हिंदू-मुस्लिम भाईचारा कांवड़ सेवा शिविर से जुड़े लोगों का कहना है कि शिवभक्तों की सेवा और स्वागत की यह परंपरा करीब 16 वर्षों से चली आ रही है। हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान दोनों समुदायों के लोग एक साथ शिविर में पहुंचते हैं और कांवड़ियों की सेवा करते हैं। कांवड़ शिविर में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग मिलकर व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। कोई शिवभक्तों के लिए भोजन तैयार कराने में सहयोग कर रहा है तो कोई पानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा है। कांवड़ियों के विश्राम के लिए भी व्यवस्था की गई है। शिविर से गुजरने वाले शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवक लगातार कार्य कर रहे हैं। शिविर संचालक राजा सैफी ने बताया कि शिविर लगाकर शिव भक्तों की सेवा की जा रही है। वह यह शिविर लगातार 16 वर्षों से लगा रहे है।


