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Hindi News देशहम घर से नहीं निकलते थे, पाक में हिंदू लड़कियां हो जाती हैं किडनैप; नागरिकता मिलने के बाद भावना

हम घर से नहीं निकलते थे, पाक में हिंदू लड़कियां हो जाती हैं किडनैप; नागरिकता मिलने के बाद भावना

भारत की नागरिकता पाने के बाद भावना ने कहा, 'वहां हमें बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। लड़कियां पढ़ नहीं सकतीं और घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता है। मुसलमान हिंदू लड़कियों को किडनैप कर लेते हैं।

हम घर से नहीं निकलते थे, पाक में हिंदू लड़कियां हो जाती हैं किडनैप; नागरिकता मिलने के बाद भावना
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 16 May 2024 05:59 PM
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नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत पड़ोसी मुल्कों से धार्मिक उत्पीड़न के चलते भागकर आए लोगों को अब भारत की सिटिजनशिप मिलने लगी है। बुधवार को होम मिनिस्ट्री ने 350 लोगों को नागरिकता प्रदान की, जिनमें से 14 को गृह मंत्रालय बुलाकर दस्तावेज सौंपे गए थे। इसके अलावा अन्य लोगों को डिजिटल तौर पर नागरिकता दी गई। नागरिकता पाने के बाद इन लोगों ने खुशी जाहिर की है। पाकिस्तान से भागकर आए एक परिवार की बेटी भावना ने भी इस पर खुशी जाहिर की और कहा कि यह हमारे लिए नई जिंदगी मिलने के जैसा है।

भावना ने कहा, 'वहां हमें बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। लड़कियां पढ़ नहीं सकतीं और घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता है। मुसलमान हिंदू लड़कियों को किडनैप कर लेते हैं और उन्हें जबरन इस्लाम कबूल करवाया जाता है। लड़कियों को इतना खौफ रहता है कि वे घरों से बाहर नहीं निकलतीं। मैं काफी छोटी थी, तब से ही यहां हूं। मुझे तो पाकिस्तान के अपने घर के अलावा ज्यादा कुछ याद नहीं है। इसकी वजह यह थी कि घर से बाहर ही नहीं निकलते थे। अब भी हमारे तमाम रिश्तेदार वहां हैं, जो भारत आना चाहते हैं। लेकिन उन्हें वीजा पाने में मुश्किल हो रही है।' एक अन्य महिला ने कहा कि हम यहां 10 साल पहले आए थे, लेकिन हमें अब तक नागरिकता नहीं मिली थी। अब खुशी है कि भारत के हो गए हैं। हमारे बच्चों के स्कूलों में एडमिशन भी नहीं हो पा रहे थे। अब हम नागरिकों जैसी सुविधाएं पा सकेंगे।

PM मोदी और अमित शाह को हिंदू बेटी बोली थैंक्यू

पाकिस्तान से उत्पीड़न का शिकार होकर आए हिंदू परिवार की बेटी ने कहा कि हम अपने देश में लौटकर खुश हैं। भावना ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने हम लोगों की मदद की। हम पीएम मोदी और अमित शाह को धन्यवाद देते हैं। भावना कहा, 'मैं एक टीचर बनना चाहती हूं और यहां की महिलाओं को पढ़ाना चाहती हूं।' गौरतलब है कि इसी साल मार्च नागरिकता संशोधन कानून लागू हुआ है। 

किन लोगों को मिल रही है इस कानून से नागरिकता

इसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर आए अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जानी है। इनमें हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोग शामिल हैं। इस कानून को 2019 में ही पारित कर दिया गया था, लेकिन इसकी अधिसूचना इसी साल जारी हुई है। इसकी वजह यह थी कि 2019 में इस कानून के प्रावधान तय नहीं हो पाए थे। 

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